तीन चीनी नागरिकों समेत पांच पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी का आरोप। मानव प्लेसेंटा को भेड़ का बताकर विदेश भेजने की साजिश का आरोप


पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने इस्लामाबाद में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान करीब 500 किलोग्राम मानव प्लेसेंटा (गर्भनाल) बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में तीन चीनी नागरिकों और दो पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि मानव प्लेसेंटा को भेड़ का प्लेसेंटा बताकर विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से मानव गर्भनाल को भेड़ की गर्भनाल बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेज रहे थे। एफआईए ने बरामद प्लेसेंटा के नमूनों को आगे की जांच के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मानव गर्भनाल की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बिक्री से जुड़ा यह पाकिस्तान का पहला मामला माना जा रहा है। छापेमारी के दौरान 500 किलोग्राम मानव प्लेसेंटा बरामद किया गया। इस कथित नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में तीन चीनी और दो पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी के अस्पतालों से प्रत्येक प्लेसेंटा लगभग 800 रुपये में खरीदा जाता था। इसके बाद उन्हें विदेश भेजने की तैयारी की जाती थी। मानव अंग प्रत्यारोपण प्राधिकरण (HOTA) की निगरानी अधिकारी हिना कंवल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए मानव प्लेसेंटा को भेड़ का प्लेसेंटा बताने का झूठा दावा किया।

क्या होता है प्लेसेंटा?

अमेरिका के मेयो क्लिनिक के अनुसार, प्लेसेंटा एक अस्थायी अंग है, जो गर्भावस्था के दौरान मां के गर्भाशय में विकसित होता है और गर्भनाल के माध्यम से शिशु से जुड़ा रहता है। यही अंग बच्चे तक ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व पहुंचाता है तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। आनुवंशिक रूप से यह भ्रूण का ही हिस्सा होता है। बच्चे के जन्म के बाद इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है, इसलिए इसे शरीर से अलग कर दिया जाता है।

किन क्षेत्रों में होता है उपयोग?

विशेषज्ञों के अनुसार, प्लेसेंटा में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन मौजूद होते हैं। कई देशों में इसका उपयोग विभिन्न दवाओं के निर्माण में किया जाता है। इसके अलावा इसकी आंतरिक झिल्ली का इस्तेमाल गहरे घावों, गंभीर जलन, अल्सर और आंखों की कुछ विशेष सर्जरी में भी किया जाता है। वहीं, रिपोर्टों के मुताबिक चीन के कुछ हिस्सों में कुछ लोग इसका सेवन भोजन के रूप में भी करते हैं।