हनुमान मंदिर चौराहे पर दुर्गा पूजा की तैयारियां तेज, बंगाली कलाकारों की कलाकारी से सज रहा पंडाल

गणेश धर द्विवेदी- शारदीय नवरात्र के अवसर पर हनुमान मंदिर चौराहे पर आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा इस बार भी श्रद्धा, भव्यता और आकर्षक सजावट के लिए खास रहने वाली है। करीब 40 वर्षों से यहां स्थापित की जा रही मां दुर्गा की प्रतिमा भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। इस बार भी भव्य प्रतिमा और आकर्षक पंडाल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। पूजा समिति की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पंडाल की भव्यता देखते ही बन रही है और इसे अंतिम रूप देने में कारीगर जुटे हुए हैं।

पूजा समिति के अध्यक्ष पद्मभास्कर मणि अप्पू ने बताया कि हनुमान मंदिर चौराहे पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा चार दशक पुरानी है। हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। इस बार मां की प्रतिमा को विशेष रूप दिया जा रहा है। प्रतिमा में अद्भुत तेज और दिव्यता की झलक भक्तों को आकर्षित करेगी। मां के दर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति होगी। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था के बीच पूजा-अर्चना का अवसर मिले।

इस बार पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी बंगाल के कलाकारों को दी गई है। कलाकार अपनी पारंपरिक कलाकारी और रचनात्मकता के जरिए पंडाल को भव्य स्वरूप दे रहे हैं। पंडाल की बनावट, आकर्षक नक्काशी और सजावटी कलाकृतियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। दूर से ही नजर आने वाला इसका भव्य स्वरूप उत्सव की रौनक बढ़ा रहा है। रात में रोशनी के बीच पंडाल की सुंदरता और निखरने की उम्मीद है।

आस्था और परंपरा का अनूठा संगम

हनुमान मंदिर चौराहे की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने लोगों की भावनाओं और आस्था को एक सूत्र में बांध रखा है। नवरात्र के दौरान यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह रहता है। पूजा समिति को उम्मीद है कि इस बार मां की दिव्य प्रतिमा और बंगाली कलाकारों द्वारा तैयार भव्य पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे।