• अहियापुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संगमघाट के पास बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया


मुजफ्फरपुर : नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली से दरभंगा भेजी जा रही प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप को अहियापुर थाना पुलिस ने बीच रास्ते में पकड़ लिया। ट्रक के भीतर छिपाकर ले जाए जा रहे 500 लीटर कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब जांच की दिशा केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की कोशिश शुरू कर दी गई है।


मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर ट्रक के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप बिहार लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई।

इसी क्रम में संगमघाट के समीप पुलिस टीम ने संदिग्ध कंटेनर ट्रक को रोककर उसकी तलाशी शुरू की।


शुरुआती जांच में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन जब पुलिस ने कंटेनर के अंदर गहन तलाशी ली तो वहां छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुई। पुलिस के अनुसार बरामद कफ सिरप की कुल मात्रा लगभग 500 लीटर है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक कालू और खलासी संदीप कुमार के रूप में की गई है। दोनों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इस खेप को किसके निर्देश पर भेजा जा रहा था और इसका अंतिम गंतव्य कौन था।


नगर एसडीपीओ-2 बिनीता सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप दिल्ली से दरभंगा ले जाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक खेप की बरामदगी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।


पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। विशेष रूप से उन स्थानीय संपर्क सूत्रों और बड़े कारोबारियों की तलाश की जा रही है जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस रैकेट के मुख्य संचालकों तक पहुंच बनाई जाएगी।


अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधित कफ सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इसकी तस्करी युवाओं के बीच नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती है। ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को नशे के जाल से बचाने की दिशा में भी एक बड़ी पहल मानी जा रही है।

फिलहाल बरामद कफ सिरप को जब्त कर लिया गया है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के अगले चरण में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।