डीएम मधुसूदन हुल्गी बैतालपुर पीएचसी और बीडीओ कार्यालय पहुंचे, यहां उन्होंने हालात देखा और समझा, कहा-लापरवाही उजागर होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी

गणेश धर द्विवेदी

देवरिया डीएम मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को बैतालपुर पीएचसी और बीडीओ कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने हालात देखा और समझा। कहा, लापरवाही उजागर होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के हालात को देखा और समझा, फिर स्टेप-बाय-स्टेप, हर पहलुओं पर अपनी निगाह दौड़ाई। सबकुछ देखने और समझने के बाद जिम्मेदारों को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का टास्क दिया।

डीएम सुबह करीब 9:15 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैतालपुर पहुंच गए। यहां सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया। इसके बाद उपस्थिति पंजिका को देखा। फिर सभी कर्मचारियों को समय से उपस्थित रहकर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की सलाह दी।

इस दौरान डीएम ने ओपीडी, प्रसव केंद्र, दवा वितरण कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मरीजों का उपचार समुचित और सुचारु रूप से होना सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में बनी रहनी चाहिए। किसी भी मरीज को इलाज और दवा के लिए परेशान न होना पड़े। साफ-सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर और वार्डों में स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें तथा उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

इसके बाद डीएम खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यालय की उपस्थिति पंजिका और अभिलेखों को परखा। अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिया। कहा कि शासन की विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए।

मीडिया में जारी एक बयान में डीएम मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि आज बैतालपुर पीएचसी और बीडीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जो कमी पाई गई उसे तत्काल प्रभाव से दूरूस्त कर लेने की सलाह दी गई है। सभी जिम्मेदारों और कर्मचारियों को समय से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही यह भी कहा है कि कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी लापरवाही उजागर होती है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।