मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना का मामला, जांच में शिकायत सही मिलने पर एसएसपी की कार्रवाई

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने सिवाईपट्टी थाना के दरोगा मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। यह मामला पूर्वी चंपारण जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के झिटकहिया गांव निवासी पूजन कुमार से जुड़ा है। 

शिकायत के अनुसार घटना के दिन सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के डेरा चौक के पास दरोगा मनोज कुमार पुलिस टीम के साथ वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पूजन कुमार को रोका और उसकी बाइक के सभी कागजात की जांच की। कागजात सही मिलने के बावजूद पुलिस ने उसे गाड़ी लेकर आगे चलने को कहा।

आरोप है कि कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद पुलिस वाहन के चालक ने पूजन को फिर रोका और कहा कि डेरा चौक पर उनका एक पार्सल आने वाला है, जिसे रिसीव कर डिलीवरी बॉय को 700 रुपये दे देने हैं। पुलिस पर भरोसा कर पूजन डेरा चौक पहुंचा, पार्सल लिया और अपने यूपीआई से 700 रुपये का भुगतान भी कर दिया।

शिकायत के मुताबिक जब वह पार्सल लेकर पुलिस के पास लौटा तो एक पुलिसकर्मी उसका वीडियो बनाने लगा। इसके बाद पार्सल खुलवाया गया, जिसमें से शराब की बोतल निकाली गई। पुलिस ने तत्काल पूजन पर शराब की तस्करी करने का आरोप लगा दिया। पूजन लगातार कहता रहा कि पार्सल तो पुलिस के कहने पर लिया गया है और उसे यह भी नहीं पता था कि उसके अंदर क्या है, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद पुलिस उसे सुनसान जगह पर ले गई और फर्जी केस में जेल भेजने तथा गोली मार देने की धमकी दी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामला खत्म करने के बदले एक लाख रुपये की मांग की। डरे हुए पूजन ने अपने परिजनों को फोन कर पैसे मंगवाए। उसके खाते में पहले से 5 हजार रुपये थे, जबकि परिजनों ने 50 हजार रुपये भेजे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में लेकर अपने ही एक व्यक्ति के यूपीआई खाते में कुल 55 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए और फिर उसे छोड़ दिया।

घटना के बाद पूजन कुमार ने मीनापुर विधायक से मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनाई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद मामले की शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों तक पहुंची। एसएसपी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान घटना के दिन गश्ती दल में शामिल दरोगा, चालक और अन्य पुलिसकर्मियों के अलग-अलग बयान लिए गए।

जांच रिपोर्ट में मीनापुर के सर्किल इंस्पेक्टर रंजन कुमार और सीडीपीओ पूर्वी आलय वत्स ने शिकायत को सही माना। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक को शराब के मामले में फंसाने की साजिश रची गई थी और उससे रिश्वत भी ली गई। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दरोगा मनोज कुमार को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।

यह मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, इस कार्रवाई को यह संदेश भी माना जा रहा है कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।