अमेरिका–ईरान तनाव का असर : बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम होगा सख्त, OTP नियम स्थायी बनने की तैयारी

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता का असर अब भारत के ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के बीच देश में LPG सिलिंडरों की कीमतों में 1 मई से बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों को भी और सख्त किया जा सकता है।

बीते कुछ महीनों में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के LPG सिलिंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। मार्च में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में पहले 144 रुपये और उसके बाद 1 अप्रैल को करीब 200 रुपये का इजाफा किया गया। इसके बाद से कीमतें स्थिर हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए तेल कंपनियां फिर से कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।

आमतौर पर तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को कीमतों में संशोधन की घोषणा करती हैं, ऐसे में 1 मई को नई दरें सामने आ सकती हैं। हालांकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियां वैश्विक दबाव के बावजूद इसका असर खुद वहन कर रही हैं।

इसके साथ ही LPG सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी प्रणाली में भी बदलाव की तैयारी है। मौजूदा 25 दिनों के लॉक इन पीरियड में संशोधन किया जा सकता है। OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को स्थायी रूप से लागू करने की योजना है, जिसका उद्देश्य सब्सिडी वाले सिलिंडरों के गलत इस्तेमाल, लीकेज और डिलीवरी से जुड़ी गड़बड़ियों को रोकना है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि करीब 94 प्रतिशत डिलीवरी OTP के माध्यम से सत्यापित की जा रही है।

सरकार ने इस बीच लोगों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि PSU के रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और नागरिकों को घबराकर ईंधन की खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिर बनी हुई है।

इसी के साथ 1 मई से ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में भी नए नियम लागू होने जा रहे हैं। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नए ढांचे में रियल मनी गेमिंग पर सख्ती की जाएगी, जबकि ई स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कौन से गेम पैसे से जुड़े हैं और कौन से मनोरंजन या कौशल आधारित हैं। सामान्य सोशल गेम्स के लिए बार बार रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।