विधेयक अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा
नई दिल्ली : राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में संसद ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यसभा से मंजूरी मिलने के एक दिन बाद गुरुवार को लोकसभा ने भी वंदे मातरम् विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विपक्ष के विरोध और हंगामे के बावजूद सरकार विधेयक को दोनों सदनों से पारित कराने में सफल रही। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा।
नए कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रगान जन-गण-मन को प्राप्त है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत का जानबूझकर अपमान करना, उसके गायन या वादन में बाधा डालना अथवा किसी व्यक्ति को वंदे मातरम् गाने से रोकना दंडनीय अपराध माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा। राष्ट्रगान के अपमान के मामलों में भी यही दंड व्यवस्था लागू है।
केंद्र सरकार का कहना है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और आजादी की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से इस विधेयक को लाया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 24 जुलाई को राज्यसभा में यह विधेयक पेश किया था।
विधेयक में राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों का उल्लेख किया गया है। साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा पहले जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में, जहां राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाता है, वहां पहले वंदे मातरम् गाने या बजाने का प्रावधान रखा गया है। ऐसे अवसरों पर सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना होगा।
लोकसभा में विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार, 31 जुलाई की सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा और राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़े प्रावधान पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे।