दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के ‘बोधनशा उन्मूलन कार्यक्रम’ का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ दो वर्ष का हुआ करार

LUCKNOW : बोधनशा उन्मूलन कार्यक्रम का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ दो वर्ष का समझौते होने के बाद दिव्या ज्योति जागृती संस्थान लखनऊ शाखा की संयोजिका साध्वी रितु भारती ने कहा कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे|

साध्वी ने कहा कि युवा अवस्था जीवन की दिशा और लक्ष्य तय करने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने कहा कि बोधनशा उन्मूलन कार्यक्रम का यह करार नशा मुक्त भारत अभियान को नई गति देगी। कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास तथा राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए| उन्होंने कहा कि नशा युवा शक्ति को कमजोर करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवतियों से नशे के दुष्परिणामों के प्रति सजग रहने व परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

साध्वी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर साध्वी शिताभा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोधनशा उन्मूलन कार्यक्रम, डीजेजेएस के साथ गौरव गुप्ता एवं गौरव सागर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। समझौता ज्ञापन पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सुधांश पंत, आईएएस, सचिव, आस्तिक कुमार पांडेय, आईएएस, निदेशक, तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए|

इस अवसर पर आशुतोष महाराज जी के शिष्य अश्वनी शर्मा (अखंड भारत मिशन) ने कहा कि यह पहल नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय एवं सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। ऐसे में नशे के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम के लिए इस प्रकार की व्यापक साझेदारी निश्चित रूप से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेगी।