मुंबई में अमित शाह ने कहा-कई राज्यों में समान नागरिक संहिता की शुरुआत हो चुकी है, भरोसा है कि बाकी एनडीए शासित राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे
समान नागरिक संहिता को लेकर भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए ने अपना अगला बड़ा लक्ष्य तय कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को घोषणा की कि 2029 से पहले एनडीए की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इसकी शुरुआत हो चुकी है और सरकार को भरोसा है कि बाकी एनडीए शासित राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुरू होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देते हुए शाह ने यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में 30 दिनों का अभियान चलाएंगे। मुंबई में इस अभियान को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
शाह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। आज दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत और उसके प्रधानमंत्री की राय को गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि विदेशों में भारतीय पासपोर्ट की प्रतिष्ठा बढ़ी है और भारतीय नागरिकों को सम्मान की नजर से देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें एक सर्वे में 68 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के 36 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया है। शाह ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण बताया।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों में यह भरोसा पैदा किया है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर 15 अगस्त 2047 तक भारत विभिन्न क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों से आगे निकल सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई है और उसका असर अब दिखाई दे रहा है। देश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2014 में भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में जगह बना चुका है। उनके मुताबिक भारत की इस यात्रा ने वैश्विक स्तर पर देश के प्रति नजरिया भी बदला है।
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर गृह मंत्री ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि देश में मौजूद प्रत्येक अवैध घुसपैठिये की पहचान की जाएगी और उसे बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
