शिवराज सिंह चौहान बोले दो वर्षों में बिहार को मिले 24.30 लाख से अधिक मकान, अब राज्य में लागू होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
पटना : प्रधानमंत्री आवास योजना के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में आज बिहार के गांवों से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं एक साथ हुईं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के लिए 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकानों की मंजूरी और 13 हजार 427 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। इसके साथ ही किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर गरीब को पक्का घर देने के संकल्प को बिहार में बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आवासों की मंजूरी और राशि के आवंटन से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब के लिए पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट से बना ढांचा नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार है। सर्दी, गर्मी, बारिश और तूफान से परिवार को सुरक्षित रखने के लिए अपना घर पहली जरूरतों में शामिल है। नई मंजूरी से बिहार के 11 लाख से अधिक गरीब परिवारों के पक्के घर का रास्ता खुलेगा।
उन्होंने पिछले दो वर्षों का आंकड़ा रखते हुए बताया कि बिहार के लिए कुल 24 लाख 30 हजार 327 मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन पर 29 हजार 164 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की राशि पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। गरीबों को मिलने वाली सहायता उनका अधिकार है, कोई दया या कृपा नहीं। केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल से आवास योजना की गति बढ़ी है।
कार्यक्रम में किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब बिहार में लागू की जाएगी। इससे बाढ़, सूखा, बारिश और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। फसल खराब होने पर योजना के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा मिलने से खेती से जुड़ा जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में खेती लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम के बीच अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। केंद्र और राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल बीमा के साथ खरीद, समर्थन और आधुनिक तकनीक को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। किसान मजबूत होगा तो गांव और बिहार दोनों मजबूत होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण महिलाओं और लखपति दीदियों को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं और बड़ी संख्या में महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। बैंक से जुड़ाव और समूह आधारित रोजगार ने ग्रामीण महिलाओं के लिए आमदनी के नए रास्ते खोले हैं।
महिलाओं के बनाए उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में शी-मार्ट जैसी व्यवस्था विकसित करने की बात भी कही गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव में उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, उसे सही बाजार मिलना भी जरूरी है। उत्पाद की गुणवत्ता के साथ पैकेजिंग और बिक्री में सहायता मिलने से महिला उद्यमियों की आय बढ़ाई जा सकती है। इससे जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
बिहार में फार्मर आईडी बनाने की प्रगति की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 53 लाख 83 हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। डिजिटल किसान पहचान से सरकारी योजनाओं में पात्रता निर्धारित करने, पंजीकरण और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने में आसानी होगी। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उन्होंने शेष किसानों का पंजीकरण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई।
ग्रामीण विकास की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने सड़क, मकान और खेती को ग्रामीण जीवन की तीन महत्वपूर्ण जरूरतें बताते हुए कहा कि सड़क से गांव बाजार से जुड़ेगा, पक्का मकान परिवार को सुरक्षा देगा और मजबूत खेती उसकी आय बढ़ाएगी। केंद्र और राज्य इसी सोच के साथ बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सराहना करते हुए बिहार को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे ले जाने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के वंदे मातरम से जुड़े फैसले की भी कड़ी आलोचना की। आवास, कृषि और ग्रामीण विकास की घोषणाओं के बीच उन्होंने इस राजनीतिक मुद्दे पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य लोगों के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजस्व एवं पुनर्निर्माण मंत्री विनोद कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री सविता गुप्ता और समाज कल्याण मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

