अभिषेक बंटी के चुनाव मैदान से हटने के बाद पार्टी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसा

पटना : बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए 28 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी के नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी ने अंतिम समय में एक ऐसे युवा कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है, जो वर्षों से संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहा है। अब 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव में नीरज का मुकाबला जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा गुप्ता तथा अन्य उम्मीदवारों से होगा।

पटना के रहने वाले नीरज कुमार सिन्हा का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। वर्ष 2006 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और इसके बाद लगातार संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते रहे। उन्होंने बूथ अध्यक्ष, बूथ मंत्री, मंडल महामंत्री तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष जैसे पदों पर कार्य किया। टिकट मिलने से पहले वह अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बांकीपुर में चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। ऐसे में अचानक उनके नाम की घोषणा होने से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी आश्चर्य का माहौल बन गया और इसे उनके लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

नीरज सिन्हा ने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके माता-पिता का निधन हो चुका है और अभी उनका विवाह नहीं हुआ है। बचपन से ही उनकी रुचि राजनीति में रही और इसी कारण उन्होंने कम उम्र से ही संगठन के साथ सक्रिय रूप से काम करना शुरू कर दिया। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और जमीनी कार्यशैली को देखते हुए नेतृत्व ने उन्हें उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया।

नीरज के परिवार का भी भाजपा और जनसंघ से पुराना जुड़ाव रहा है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वर्ष 1984 में उनके निधन के बाद उनके सम्मान में संबंधित मंडल का नाम "नरेंद्र भारती मंडल" रखा गया। संगठन से परिवार के इस लंबे रिश्ते को भी नीरज की राजनीतिक पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। इस चुनाव पर पूरे राज्य की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।

इस सीट से पहले भाजपा ने अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने गुरुवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया था। उनके समर्थन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बड़ी चुनावी सभा आयोजित की गई थी, जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। हालांकि शुक्रवार शाम को अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ने और नामांकन वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद भाजपा ने तुरंत नीरज सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया।

भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। पार्टी की ओर से कहा गया कि अभिषेक बंटी ने निजी और पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा भी मान रहे हैं, जिसके जरिए भाजपा ने अंतिम समय में नया सियासी दांव चला है।

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। यहां से नितिन नबीन लगातार पांच बार विधायक चुने गए, जबकि उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। मूल जानकारी के अनुसार नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया जा रहा है। ऐसे में भाजपा ने एक युवा और साधारण संगठनात्मक कार्यकर्ता को मैदान में उतारकर जमीनी कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताने का संदेश दिया है। अब नीरज सिन्हा के सामने प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता जैसे प्रमुख प्रतिद्वंद्वी होंगे, जिससे बांकीपुर का मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।