टीएमसी प्रमुख ने नेताओं को प्रताड़ित करने और पार्टी तोड़ने की साजिश का लगाया आरोप


कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने कहा कि यदि भाजपा उन्हें चुप कराना चाहती है तो उसे उनकी जान लेनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नेताओं को तोड़ने की कोशिशों के बावजूद वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।

टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने ममता बनर्जी का यह वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है। भाजपा ने इन तीनों नेताओं को 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।

वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने, नेताओं को डराने और पार्टी को तोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, "अगर मुझे चुप कराना है तो मेरी जान लेनी होगी। आपने इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।" उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके आवास को भी निशाना बनाया गया।

टीएमसी प्रमुख ने हिरासत में बंद अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कथित व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉक-अप में उनके नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उनके मुताबिक कुछ नेताओं को फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया गया, कुछ को कमर में रस्सी बांधकर और पैरों में बेड़ियां लगाकर ले जाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ नेताओं का सिर मुंडवा दिया गया और उनके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया। ममता ने कहा कि ऐसी घटनाओं का जिक्र करना भी शर्मनाक है।

ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है और जनता के भरोसे को तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहते, वे सीधे भाजपा में चले जाएं। पार्टी में रहकर भाजपा के लिए काम करना और कार्यकर्ताओं को गुमराह करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मझधार में रहने वालों को अंततः कुछ हासिल नहीं होगा और सभी नेताओं को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

ममता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायक और सांसद भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को फैसला कर लेना चाहिए कि वे तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं या भाजपा के साथ। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दोहरी राजनीति करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों ने इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा ने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। ये तीनों नेता भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उम्मीदवार घोषित किए गए। इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी हलचल और तेज कर दी है।