शहर के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जन संगठनों ने एकजुट होकर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की
मानसा (पंजाब) : मानसा की बेटी रमनदीप कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के विभिन्न सामाजिक और जन संगठनों ने रमनदीप कौर को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि यदि जांच में हत्या की साजिश में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कैंडल मार्च के दौरान संगठनों ने मांग की कि गांव बाजेवाला निवासी सेना कर्मी हैप्पी सिंह के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में एससी-एसटी एक्ट की उपयुक्त धाराएं भी जोड़ी जाएं। साथ ही आरोप लगाया कि यदि हत्या की साजिश में आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य शामिल रहे हैं तो उन्हें भी मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि 30 जून को इस संबंध में पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत सिंह समाओ ने कहा कि करीब दो वर्ष पहले गांव बाजेवाला निवासी सेना कर्मी हैप्पी सिंह ने मानसा शहर के अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित एक युवती को प्रेम संबंध और शादी का भरोसा देकर अपने साथ जोड़ा। बाद में जब युवती ने विवाह की बात की तो उसने इनकार कर दिया। इसके बाद युवती की शिकायत पर पुलिस ने हैप्पी सिंह और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट तथा दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। उनका आरोप है कि सेना की नौकरी बचाने के उद्देश्य से बाद में आरोपी ने युवती से कोर्ट मैरिज कर ली, लेकिन विवाह के बाद भी उसे परिवार में स्वीकार नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 23 जून को आरोपी अपनी पत्नी को पटियाला घुमाने के बहाने साथ ले गया और उसकी कार भाखड़ा नहर में गिर गई। बाद में आरोपी ने पुलिस को सूचना दी कि कार नहर में गिर गई है, जिसमें उसकी पत्नी भी मौजूद थी। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गोताखोरों की मदद से जब कार को नहर से बाहर निकाला गया तो रमनदीप कौर सीट बेल्ट से बंधी हुई मृत अवस्था में मिली। मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या है और इसमें आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
कैंडल मार्च में डॉ. जनक राज, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जसवंत सिंह मानसा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कृष्ण चौहान, पूर्व एमसी राजू द्रका, लिबरेशन नेता जसवीर कौर नट, दलित गुलामी विरोधी आंदोलन के जगसीर सिंह दलेल वाला, डीटीएफ के प्रदेश नेता मास्टर अमोलक सिंह, शिंगारा सिंह खालसा, मास्टर परमिंदर सिंह, बलविंदर सिंह घरागना, जरनैल सिंह मानसा, प्रदीप गुरु, राजिंदर सिंह, संदीप सिंह घरागना सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
