नई दिल्ली : देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि यानी पीएफ से जुड़ी प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलने वाली है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO जल्द ही अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 को शुरू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पीएफ खाताधारकों को पैसे निकालने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया और कई दिनों के इंतजार से राहत मिल सकती है। अब UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में पीएफ राशि ट्रांसफर करने की सुविधा मिलने वाली है।


दरअसल, EPFO 3.0 को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पीएफ निकासी और फंड ट्रांसफर को पहले से अधिक तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है। नई प्रणाली के तहत सदस्य अपने लिंक्ड UPI अकाउंट और UPI PIN की मदद से सीधे पीएफ राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके अलावा UPI-इनेबल्ड एटीएम के जरिए भी निकासी की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है।


हालांकि, इस नई सुविधा के बावजूद सदस्य अपने पूरे पीएफ बैलेंस को तुरंत नहीं निकाल पाएंगे। प्रस्तावित नियमों के अनुसार खाताधारक अपने कुल EPF कॉर्पस का लगभग 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक हिस्सा डिजिटल माध्यम से निकाल सकेंगे। शेष राशि खाते में बनाए रखना जरूरी होगा ताकि रिटायरमेंट सुरक्षा प्रभावित न हो। संभावना जताई जा रही है कि कुल योगदान का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में रखना अनिवार्य किया जा सकता है।


EPFO ने एडवांस क्लेम से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। संस्था ने ऑटो-सेटलमेंट क्लेम की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। इसका मतलब यह है कि योग्य खाताधारकों के पांच लाख रुपये तक के क्लेम अब बहुत कम समय में स्वतः प्रोसेस किए जा सकेंगे। इस सुविधा का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, उच्च शिक्षा, शादी, घर खरीदने या मकान निर्माण जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकेगा।


केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में जानकारी दी कि UPI आधारित पीएफ निकासी प्रणाली की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सदस्य जल्द ही UPI पेमेंट गेटवे के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पीएफ राशि प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख घोषित नहीं की गई है।


नई व्यवस्था लागू होने के बाद सबसे पहले सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि देख सकेंगे। इसके बाद UPI के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा सकेगी। पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचने के बाद खाताधारक इसका उपयोग डिजिटल पेमेंट, बैंक ट्रांसफर या एटीएम से नकद निकासी के लिए कर सकेंगे।


विशेषज्ञों का मानना है कि EPFO 3.0 लागू होने के बाद पीएफ निकासी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्लेम से जुड़ी देरी और तकनीकी परेशानियां भी काफी हद तक कम हो जाएंगी। डिजिटल इंडिया की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।