लैपटॉप और मोबाइल के जरिए तैयार किए जा रहे थे फर्जी लर्निंग लाइसेंस

बिजनौर : घर के भीतर लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करने का 'खेल' चल रहा था। बाहर से सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन अंदर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। एसटीएफ बरेली को इसकी भनक लगी तो सूचना नहटौर पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।

एसटीएफ बरेली की टीम ने 14 जुलाई को नहटौर पुलिस को इस संबंध में सूचना दी थी। पुलिस को बताया गया कि ग्राम फुलसन्दा हीरा निवासी इब्राहिम अंसारी पुत्र जाहिद हुसैन अपने घर से अवैध रूप से फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए नहटौर के प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकाने पर पहुंचकर जांच की और इब्राहिम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस को ऐसे कई उपकरण और दस्तावेज मिले, जिनका इस्तेमाल कथित फर्जीवाड़े में किया जा रहा था। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी के पास से दो लैपटॉप एडेप्टर सहित और दो माउस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एयरटेल का एक वाई-फाई राउटर एडेप्टर सहित और एक वीवो स्मार्टफोन भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डेटा की जांच कर फर्जी लाइसेंस तैयार करने से जुड़े नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने आरोपी के पास से चार एटीएम कार्ड और तीन चेकबुक भी बरामद की हैं। इसके साथ ही चार कूटरचित आधार कार्ड मिले हैं। फर्जी आधार कार्ड की बरामदगी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जाना था और इनके जरिए अब तक कितने फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किए गए।

एसटीएफ की सूचना पर हुई इस कार्रवाई के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से फर्जीवाड़े के दायरे और इससे जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।