नेपाल सरकार के मुताबिक आपदा से लगभग 2.7 अरब डॉलर की क्षति हुई। चीन से व्यापारिक संपर्क वाले महत्वपूर्ण मार्ग की 40 किलोमीटर सड़क पूरी तरह तबाह
नेपाल : नेपाल में अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दिया है। कहीं सड़कें और पुल बह गए तो कहीं बिजली परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंची। चीन से व्यापारिक संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग भी तबाही की चपेट में आ गया। विश्व बैंक ने इस आपदा से 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया है, जबकि नेपाल सरकार ने यह आंकड़ा लगभग 2.7 अरब डॉलर बताया है।
विश्व बैंक के आकलन के अनुसार, कुल क्षति का 83 प्रतिशत हिस्सा बुनियादी ढांचे से संबंधित है। आवासीय भवनों को 11 प्रतिशत और गैर-आवासीय इमारतों को छह प्रतिशत नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सड़क परिवहन, पुल, पनबिजली परियोजनाएं और बिजली पारेषण नेटवर्क शामिल हैं।
ऊर्जा क्षेत्र को भी बड़ा झटका लगा है। देश की कुल स्थापित पनबिजली और सौर ऊर्जा क्षमता का लगभग 10.6 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। इससे बिजली उत्पादन और आपूर्ति से जुड़ी सुविधाओं को बहाल करने की चुनौती बढ़ गई है।नेपाल को चीन की सीमा से जोड़ने वाला 82 किलोमीटर लंबा रासुवा व्यापार कॉरिडोर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। इस मार्ग का 55 किलोमीटर से अधिक हिस्सा बाढ़ की चपेट में आया, जबकि लगभग 40 किलोमीटर सड़क पूरी तरह नष्ट हो गई। इससे सीमा पार आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों के सामने गंभीर बाधाएं खड़ी हो गई हैं। विश्व बैंक और नेपाल सरकार के आकलन में अंतर के बावजूद यह स्पष्ट है कि आपदा से हुई क्षति व्यापक है। अब नेपाल के सामने परिवहन मार्गों, ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं को दोबारा बहाल करने की बड़ी चुनौती है।
