एनएच-31 पर बखड्डा ढाला के पास देर रात हुआ भीषण सड़क हादसा, मधेपुरा जिले में तैनात तीन थानाध्यक्ष और वाहन चालक की गई जान

PATNA : बिहार के बेगूसराय जिले में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बखड्डा ढाला के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे में मधेपुरा जिले में पदस्थापित तीन थानाध्यक्षों समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई है।

खबर के मुताबिक सभी पुलिस अधिकारी पटना में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनका वाहन बखड्डा ढाला के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे में तीन पुलिस अधिकारियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार दुर्घटना में कुल चार लोगों की जान चली गई।

मृतकों में मधेपुरा जिले के रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान, अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार शामिल हैं। वहीं वाहन चला रहे निजी चालक ज्योतिष कुमार की भी हादसे में मौत हो गई। ज्योतिष कुमार मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज क्षेत्र के अमरपट्टी गांव के निवासी थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान मूल रूप से कैमूर जिले के निवासी थे। अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र का संबंध कटिहार जिले के मनिहारी क्षेत्र से था, जबकि बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार रोहतास जिले के डेहरी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही साहेबपुर कमाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में शव फंसे होने के कारण उन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया गया।

फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

गौरतलब है कि एनएच-31 का बखड्डा ढाला क्षेत्र पहले भी कई गंभीर सड़क हादसों का गवाह रहा है। इस मार्ग पर सड़क किनारे भारी वाहनों के अनियंत्रित पड़ाव और सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ताजा हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर बहस तेज हो गई है।