कमर्शियल गैस की भारी किल्लत से स्कूलों, आंगनबाड़ी और शादी समारोहों पर संकट गहराया है, एजेंसियों पर सुबह चार बजे से लग रही कतारें, छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर असरबिहार। मोतिहारी में इन दिनों गैस की किल्लत ने आम जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। यह संकट अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बच्चों के भोजन, शादियों की तैयारियों और छोटे कारोबारों तक अपनी गहरी छाप छोड़ रहा है। एक ओर प्रशासन घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडरों की कमी ने जिले की रफ्तार को थाम दिया है।
सबसे ज्यादा असर उन मासूम बच्चों पर पड़ा है, जिनके लिए स्कूल और आंगनबाड़ी का भोजन ही दिन का सबसे भरोसेमंद सहारा होता है। कई जगहों पर महीनों से गैस की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण मिड डे मील ठप पड़ गया है। कुछ स्कूलों में शिक्षकों ने चंदा जुटाकर लकड़ी का इंतजाम किया, लेकिन बारिश और नमी के कारण भीगे चूल्हे भी साथ नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की थाली से निवाला छिनने का खतरा साफ दिखाई दे रहा है।
इसी बीच शादी का मौसम भी इस संकट की चपेट में है। जिन घरों में शहनाइयां गूंजने वाली हैं, वहां गैस की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। हलवाइयों का साफ कहना है कि अगर सिलेंडर नहीं मिला तो हजारों लोगों का खाना लकड़ी पर बनाना संभव नहीं होगा। मध्यमवर्गीय परिवार कालाबाजारी के डर और अनिश्चितता के बीच परेशान हैं कि कहीं शादी के मौके पर चूल्हा ही जवाब न दे दे।
गैस एजेंसियों के बाहर की तस्वीरें हालात की गंभीरता को बयां कर रही हैं। लोग सुबह चार बजे से ही लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आपूर्ति की रफ्तार धीमी होने से निराशा बढ़ती जा रही है। कई छोटे होटल और ढाबों में ‘आज खाना उपलब्ध नहीं है’ जैसे बोर्ड लटकने लगे हैं, जिससे रोज कमाने खाने वाले लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है।
जिला प्रशासन घरेलू गैस की कालाबाजारी पर लगातार छापेमारी कर रहा है, जिससे कुछ हद तक राहत मिली है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह संकट और गहराता जाएगा।
मोतिहारी का यह गैस संकट अब केवल एक आपूर्ति समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक त्रासदी का रूप लेता जा रहा है। बच्चों की भूख, शादियों की चिंता और कारोबार की ठहरती रफ्तार इस बात की गवाही दे रही है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
