भाटपार रानी और सलेमपुर तहसील में प्रमाण-पत्र जारी करने में परेशानी का आरोप, महासभा ने जिलाधिकारी का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने की दी चेतावनी

गणेश धर द्विवेदी

गोंड जाति का जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में हो रही कथित मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा ने आंदोलन का संकेत दिया है। महासभा ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर गोंड समाज लोकतांत्रिक तरीके से जिलाधिकारी का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

रविवार को सिंचाई डाक बंगला परिसर में आयोजित महासभा की आवश्यक बैठक में जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि जनपद की कुछ तहसीलों को छोड़कर अन्य तहसीलों में गोंड जाति का प्रमाण-पत्र आसानी से जारी नहीं हो रहा है। विशेष रूप से भाटपार रानी और सलेमपुर तहसीलों में अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित तहसीलों में लेखपालों और तहसीलदारों द्वारा विभिन्न शासनादेशों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे समाज के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रमाण-पत्रों की समस्या के समाधान के लिए वह प्रतिनिधिमंडल के साथ कई बार जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। विभिन्न जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर शासनादेशों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो महासभा आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

बैठक में आगामी 18 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय पर जनजातीय गौरव पखवारा दिवस मनाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक को जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोंड, वीर बहादुर गोंड, विशाल गोंड, त्रिलोकीनाथ गोंड, ब्रह्मानंद गोंड और जयप्रकाश शाह सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान जिला मीडिया प्रभारी जयनन्द प्रसाद गोंड समेत महासभा के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में गोंड आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष वीर बहादुर गोंड ने किया।