खरीफ-2026 में 45 हजार कुंतल ढैंचा और 4 लाख बीज मिनीकिट का होगा 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरण

लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सरकार रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद को बढ़ावा देगी। इसको लेकर रणनीति बना ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हरी खाद को बढ़ावा देने हेतु विभाग 45 हजार कुंतल ढैंचा बीज का वितरण करेगा। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीच हरी खाद को लोकप्रिय बनाने के लिए 20 हजार कुंतल बीज के कुल 4 लाख मिनीकिट 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक मिनीकिट में एक-एक किलो ढैंचा, मक्का, उर्द तथा आधा-आधा किलो ग्वार, भिंडी, लोबिया और ज्वार के बीज शामिल होंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बीज पोर्टल खोलने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाए, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें।

मत्री ने बतया कि विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर विभागीय रणनीति की समीक्षा की गई है। कृ रणनीति का मुख्य फोकस रासायनिक खाद पर निर्भरता को कम करना और हरी खाद के प्रयोग को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करना है, जिससे मृदा स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता में सुधार हो सके।

कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष सभी फसलों के लिए कुल 2,33,177 का वितरण लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 1,35,951 की तुलना में काफी अधिक है। इसमें धान (संकर व संकुल) के लिए 82,022, दलहन के लिए 48,249, तिलहन के लिए 43,622 और बाजरा के लिए 25,555 का लक्ष्य निर्धारित है। वहीं 'श्री अन्न' (मोटे अनाज) के तहत रागी, कोदो और सावा जैसी फसलों के लिए 2,475 का संयुक्त लक्ष्य तय किया गया है।

कृषि मंत्री ने उर्वरक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में खाद की बिक्री पर पैनी नजर रखी जाए और उर्वरकों की उपलब्धता की सख्त निगरानी सुनिश्चित हो। उन्होंने विशेष रूप से उन जिलों और ब्लॉकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए जहां उत्पादकता कम है, ताकि वहां प्रभावी और दीर्घकालीन रणनीति के माध्यम से सुधार किया जा सके।