1 लाख 75 हजार से अधिक हजयात्री पवित्र यात्रा पर निकलेंगे, इस बार की हज यात्रा कई मायनों में खास
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी हज यात्रा का आगाज 18 अप्रैल से होने जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से हजयात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब के लिए रवाना होगा। हर साल की तरह इस बार भी लाखों लोग इस पवित्र यात्रा पर निकल रहे हैं, लेकिन इस बार की हज यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है क्योंकि सरकार ने सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं।
इस वर्ष कुल लगभग 1,75,025 हजयात्रियों के इस यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है। यह संख्या न केवल आस्था की गहराई को दर्शाती है, बल्कि भारत से हज यात्रा के व्यापक स्वरूप को भी सामने लाती है। देश के विभिन्न राज्यों से लोग इस धार्मिक यात्रा के लिए तैयार हैं और प्रस्थान के साथ ही उनके सपनों की यह यात्रा शुरू हो जाएगी।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी हजयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस बार हजयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नई पहलें की गई हैं, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हज यात्रा के संचालन की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के पास है, जो भारतीय हज समिति, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं कर रहा है। इन सभी के बीच समन्वय का उद्देश्य यही है कि हजयात्रियों को हर स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिलें और उनकी यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
इस बार हज यात्रा में तकनीक का भी बड़ा रोल देखने को मिलेगा। हज सुविधा ऐप के जरिए हजयात्रियों को कई डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें जरूरी जानकारी और सहायता आसानी से मिल सकेगी। इसके साथ ही पहली बार हजयात्रियों को स्मार्ट रिस्टबैंड दिए जा रहे हैं, जिनकी मदद से किसी के लापता होने की स्थिति में उन्हें जल्दी खोजा जा सकेगा और समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
यात्रा को और अधिक लचीला बनाने के लिए इस बार लगभग 20 दिनों का अल्प अवधि वाला हज विकल्प भी शुरू किया गया है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जो कम समय में हज यात्रा पूरी करना चाहते हैं। इसके अलावा, हर हजयात्री के लिए करीब 6,25,000 रुपये का बीमा कवरेज सुनिश्चित किया गया है, जिससे यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को मजबूती मिलती है।
यात्रा के दौरान आवागमन को आसान बनाने के लिए लगभग 60 हजार हजयात्री मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इससे उनकी यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनेगी। इसके साथ ही सऊदी अरब में आवास और परिवहन सेवाओं के बेहतर समन्वय, तत्काल निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था, तथा चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है।
इस बार मक्का में हजयात्रियों के लिए होटल शैली के आवास की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें बेहतर आराम और सुविधाएं मिल सकें। वहीं, भारत के हवाई अड्डों पर प्रस्थान प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित किया गया है, ताकि यात्रियों को बिना किसी परेशानी के रवाना किया जा सके।
हज यात्रा का संचालन देशभर के 17 प्रस्थान बिंदुओं के माध्यम से किया जाएगा, जिनमें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और श्रीनगर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इससे देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के लिए यात्रा अधिक सुलभ और व्यवस्थित हो सकेगी।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पूरी हज यात्रा के दौरान सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। हजयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, खासकर स्वास्थ्य और यात्रा से जुड़ी सलाहों का, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सफल हो।

