पुलिस के मुताबिक पुराने मुकदमों से बचने के लिए बदला था नाम-पता
बिजनौर (उत्तर प्रदेश) : करीब ढाई दशक तक नाम और पता बदलकर अपनी असली पहचान छिपाने वाला एक हिस्ट्रीशीटर आखिरकार तकनीक की नजर से नहीं बच सका। अफजलगढ़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा तो शुरुआती पूछताछ में मामला सामान्य लगा, लेकिन यक्ष (Yaksha) ऐप से उसके फोटो का मिलान होते ही 25-26 साल पुरानी पहचान की परतें खुलने लगीं। स्थानीय स्तर पर भी पहचान कराई गई तो पुलिस के सामने मौजूद व्यक्ति हिस्ट्रीशीटर इस्लामुद्दीन निकला। तलाशी में उसके पास से कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट और आधार कार्ड भी बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, अफजलगढ़ थाना पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मजार कट के पास एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसे रोककर पूछताछ की गई। पुलिस ने यक्ष ऐप की मदद से उसके फोटो का मिलान कराया और स्थानीय स्तर पर भी उसकी पहचान की पुष्टि की। इसके बाद उसकी वास्तविक पहचान इस्लामुद्दीन पुत्र शमसुद्दीन के रूप में हुई। वह अफजलगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 133A है। उसका पता मोहल्ला मिया जी मोखा, कस्बा व थाना अफजलगढ़, जनपद बिजनौर बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि इस्लामुद्दीन पिछले करीब 25-26 वर्षों से अपना नाम और पता बदलकर रह रहा था। उसकी तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक कथित फर्जी पासपोर्ट और एक कथित फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि पुराने आपराधिक मुकदमों में सजा से बचने के उद्देश्य से उसने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर अपनी वास्तविक पहचान छिपाई थी।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ वर्ष 1996 में थाना अफजलगढ़ में मुकदमा संख्या 276/96 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 1997 में इसी थाने में मुकदमा संख्या 305/97 धारा 394 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज हुआ। अब फर्जी पहचान और दस्तावेजों की बरामदगी के मामले में थाना अफजलगढ़ में मुकदमा संख्या 198/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) लगाई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक फर्जी पासपोर्ट और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद करने का दावा किया है। करीब ढाई दशक तक पहचान बदलकर रहने के बाद यक्ष ऐप के जरिए फोटो मिलान इस गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।
इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में पनिरीक्षक मनीष कुमार और कांस्टेबल 2502 विशाल मलिक भी शामिल रहे। तीनों पुलिसकर्मी थाना अफजलगढ़, जनपद बिजनौर में तैनात हैं।