बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। ऐसे में कुछ अहम संकेत इन दोनों के बीच फर्क समझने में मदद करते हैं
नई दिल्ली : बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह वायरल संक्रमण, फ्लू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इन दिनों सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसी बीच समय-समय पर कोविड-19 के संक्रमण के मामले भी सामने आते रहते हैं। दोनों बीमारियों के शुरुआती लक्षण काफी हद तक समान होने के कारण लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं कि उन्हें सामान्य वायरल फ्लू हुआ है या कोविड-19, हालांकि कुछ खास लक्षणों पर ध्यान देकर दोनों के बीच अंतर समझा जा सकता है, लेकिन अंतिम पुष्टि जांच से ही होती है।
वायरल फ्लू में अक्सर तेज बुखार देखने को मिलता है, जबकि कोविड-19 में कई लोगों को हल्का बुखार होता है। कुछ मरीजों में कोविड होने के बावजूद बुखार बिल्कुल नहीं आता। इसलिए केवल बुखार के आधार पर बीमारी का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।
दोनों बीमारियों में खांसी हो सकती है, लेकिन फ्लू में खांसी आमतौर पर कुछ दिनों में कम होने लगती है। इसके विपरीत कोविड-19 में खांसी लंबे समय तक बनी रह सकती है और जल्दी ठीक नहीं होती।
अगर अचानक खाने का स्वाद और किसी भी चीज की गंध महसूस होना बंद हो जाए तो यह कोविड-19 का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। फ्लू में स्वाद पूरी तरह खत्म नहीं होता, बल्कि केवल उसमें बदलाव महसूस हो सकता है। कोविड-19 में कई बार स्वाद और सूंघने की क्षमता अचानक लगभग पूरी तरह गायब हो जाती है।
सांस लेने में परेशानी कोविड-19 का अपेक्षाकृत गंभीर लक्षण माना जाता है। फ्लू में भी कुछ लोगों को सांस संबंधी समस्या हो सकती है, लेकिन ऐसा कम देखने को मिलता है। यदि सांस फूलने लगे, सीने में जकड़न महसूस हो या सांस लेने में ज्यादा कठिनाई हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सामान्य वायरल फ्लू से अधिकतर लोग पांच से छह दिनों में ठीक हो जाते हैं। हालांकि फ्लू खत्म होने के बाद भी कुछ दिनों तक शरीर में थकान और कमजोरी बनी रह सकती है। दूसरी ओर कोविड-19 से उबरने में आमतौर पर 10 से 15 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।
यदि बुखार, लगातार खांसी, सिरदर्द, स्वाद या गंध का गायब होना, सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। फ्लू और कोविड-19 में अंतर की पुष्टि केवल जांच से ही की जा सकती है, इसलिए जरूरत पड़ने पर टेस्ट जरूर कराएं।
संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं, जरूरत पड़ने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और संतुलित व पौष्टिक भोजन करें। अच्छी नींद, साफ-सफाई और मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता भी वायरल संक्रमण से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।
