पूर्वी चंपारण के सभी सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि SSB और नेपाल APF ने संयुक्त रणनीति बनाकर हर गतिविधि पर नजर रखने का निर्णय लिया है
रक्सौल (पूर्वी चंपारण) : नेपाल के मधेश प्रांत में सांप्रदायिक तनाव और हिंसक घटनाओं के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से सख्त कर दिया गया है। बिहार गृह विभाग के निर्देश पर पूर्वी चंपारण जिले से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के सभी संवेदनशील इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रक्सौल, आदापुर, हरैया, झरोखर सहित सभी सीमावर्ती थाना क्षेत्रों को चौबीस घंटे निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीमा सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को झरोखर बॉर्डर पर भारत की सशस्त्र सीमा बल (SSB), स्थानीय पुलिस और नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के अधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक हुई। बैठक में नेपाल की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया और सीमा पार होने वाली हर गतिविधि पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के लिए साझा रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों ने सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त गश्त और आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
जानकारी के अनुसार नेपाल के सिराहा, जनकपुर और सप्तरी जिलों में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे हिंसक रूप ले चुका है। सिराहा जिले में 19 वर्षीय गणेश यादव की मौत के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। कई इलाकों में आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद नेपाल प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
नेपाल की इन परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमा पर चौकसी कई गुना बढ़ा दी है। सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और सामान की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि बिना वैध कारण सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।
रक्सौल, आदापुर, हरैया और झरोखर सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और SSB की संयुक्त गश्त लगातार जारी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों तथा भड़काऊ संदेशों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।