झारखंड में खात्मे की तरफ लाल आतंक 426 नक्सल घटनाओं में शामिल 8 इनामी समेत 27 नक्सलियों ने सरेंडर कर पुलिस के सामने डाले अपने हथियार
कौस्तुभ कुमार मलयज
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड पुलिस और CRPF को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड गठन से लेकर अबतक के समय में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक साथ 27 नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार के साथ झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले 27 नक्सलियों में 25 भाकपा माओवादी संगठन और दो जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के नक्सली शामिल है। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में आठ नक्सलियों के ऊपर कुल 33 लाख रुपया का इनाम घोषित थे। इन सभी नक्सलियों के खिलाफ कुल 426 नक्सल मामले दर्ज हैं। गुरुवार 21 मई को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी अभियान, एडीजी मनोज कौशिक सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने इन सभी नक्सलियों को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर सरेंडर कराया। इस दौरान आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी, इन्द्रजीत महथा, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, शैलेंद्र वर्णवाल, एसएसपी राकेश रंजन, एसपी हरिश बिन जमा, एसपी श्री सौरभ समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
आत्मसमर्पण करने वाले भाकपा माओवादियों....
- -करण तियू निवासी गोइल केरा चाईबासा एरिया कमिटी मेम्बर, दो लाख इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज।
- 5गादी मुण्डा उर्फ गुलशन निवासी बुण्डू, रांची, विशेष क्षेत्र समिति सदस्य इनाम पांच लाख रुपये, चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी मिलाकर कुल 48 मामले दर्ज।
- -नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया निवासी: अड़की, खूंटी, विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम पांच लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 38 मामले दर्ज।
- -रेखा मुण्डा उर्फ जयंती निवासी बुण्डू, रांची) विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम पांच लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 18 मामले दर्ज।
- -सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल निवासी गोइलकेरा, चाईबासा, विशेष क्षेत्र समिति सदस्य इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा में रिकॉर्ड 123 मामले दर्ज।
- -दर्शन उर्फ बिंज हांसदा निवासी छोटानगरा, चाईबासा विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, चाईबासा में 14 मामले दर्ज।
- -सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा, निवासी छोटानगरा,चाईबासा,विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम पांच लाख रुपये, चाईबासा में 13 मामले दर्ज।
- -बासुमती जेराई उर्फ बासू निवासी किरीबुरू, चाईबासा, एरिया कॉमेडनर इनाम एक लाख रुपया, चाईबासा में 14 मामले दर्ज।
- -बैजनाथ मुण्डा निवासी तमाड़, रांची, एरिया कमांडर चाईबासा में 4 मामले दर्ज।
- रघु कायम उर्फ गुणा निवासी मुफसिल, चाईबासा एरिया कमांडर, चाईबासा में 19 मामले दर्ज।
- किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरकानिवासी टोंटो, चाईबासा, एरिया कमांडर, चाईबासा में 11 मामले दर्ज।
- राम दयाल मुण्डा निवासी तमाड़, रांची, एरिया कमांडर रैंक, सरायकेला और चाईबासा में कुल चार मामले दर्ज।
इसके अलावा 13 अन्य सक्रिय कैडर्स ने भी आत्मसमर्पण किया है। इनमें वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया शामिल हैं। इन कैडर्स पर भी चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। JJMP उग्रवादी संगठन के एक इनामी समेत दो नक्सलियों ने सरेंडर किया। इनमें सचिन बैक अपर घाट, गुमला पांच लाख इनामी. छह मामले गुमला में दर्ज थे। श्रवण गोप कलिगा, गुमला आठ मामले गुमला में दर्ज थे।
झारखंड में सक्रिय इन तीन भाकपा माओवादी नक्सली ने दूसरे राज्यों में किया सरेंडर
- -विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय निवासी पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य चाईबासा में 13 मामले दर्ज थे, जिन्होंने तेलंगाना में सरेंडर किया।
- पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता पति विश्वनाथ, निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश रिजनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 11 मामले दर्ज थे, जिन्होंने भी तेलंगाना में सरेंडर किया।
- समर दा उर्फ मधाई पात्रा निवासी पश्चिम बंगाल जोनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में तीन मामले दर्ज थे, एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में सरेंडर किया।
झारखंड में सक्रिय 15 लाख इनामी नक्सली पश्चिम बंगाल में हुए गिरफ्तार
15 लाख इनामी बेला सरकार उर्फ आशा दी उर्फ दीपा सरकार पति: श्याम सिंकू, निवासी नादिया मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल रिजनल कमेटी सदस्य,चाईबासा में तीन मामले दर्ज।
सुरक्षा बलों की बड़ी रणनीतिक जीत
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में कुख्यात नक्सलियों और शीर्ष कमेटी के सदस्यों का मुख्यधारा में लौटना माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। सरकार की आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब लगातार हथियार डाल रहे हैं। पुलिस ने अन्य भटके हुए नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।
