भारतीय वायु सेना के C-17 विमानों से 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री और मेडिकल सहायता भेजी गई, 7.5 तीव्रता के भूकंप में 235 लोगों की मौत और 4,300 से ज्यादा घायल


वेनेजुएला के उत्तरी तट के पास आए 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी। राजधानी कराकास समेत कई शहरों में तेज झटकों के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस आपदा के बाद भारत ने मानवीय सहायता के लिए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शुरू किया है।

शुक्रवार, 26 जून को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस विशेष राहत अभियान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान वेनेजुएला के लिए रवाना किए गए हैं। इन विमानों में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन से अधिक राहत सामग्री, जरूरी दवाएं, चिकित्सा उपकरण और दो अत्याधुनिक 'भीष्म क्यूब' भेजे गए हैं। इन भीष्म क्यूब को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि भारत संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट की थी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति भारत की गहरी सहानुभूति है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

भारत की इस पहल का वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में भारत ने जिस तरह एकजुटता और सहयोग का परिचय दिया है, वह दोनों देशों के बीच मित्रता और मानवीय संबंधों को और मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो के अनुसार, भूकंप में अब तक 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कई गंभीर मरीजों की सर्जरी करनी पड़ रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोगों की मौत अस्पताल पहुंचते ही हो गई, जबकि कई अन्य लोगों में अस्पताल पहुंचने से पहले ही जीवन के कोई संकेत नहीं मिले थे।

उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राहत अभियान तेज कर दिया गया है। अमेरिका ने प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के लिए अपनी सेना को राहत कार्यों में लगाया है। अमेरिकी विदेश विभाग के निर्देश पर सदर्न कमांड ने बड़े मानवीय एयरलिफ्ट अभियान के तहत C-17 ग्लोबमास्टर और C-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान तैनात किए हैं, ताकि राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता तेजी से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई जा सके।