- अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर जलमार्ग पर साफ दिख रहा है। शिपिंग कंपनियों की चिंता लगातार बढ़ रही है
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय कच्चे तेल का टैंकर ‘देश गरिमा’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गया है। यह वही जलमार्ग है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और समुद्री गतिविधियां सख्त निगरानी में हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को यह भारतीय टैंकर कतर के रास लफान बंदरगाह से निकलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करता हुआ ओमान की खाड़ी में पहुंच गया। यह जहाज ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाला दसवां भारतीय पोत है, जबकि हालिया युद्धविराम के बाद यह दूसरा भारतीय जहाज माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को कुल आठ तेल और गैस टैंकरों ने इस जलमार्ग को पार किया, जिनमें भारत का यह टैंकर भी शामिल रहा। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा को लेकर काफी सतर्कता बरती गई और जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी गई।
स्थिति की जटिलता इस बात से भी समझी जा सकती है कि ईरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि होर्मुज मार्ग आवाजाही के लिए खुला है, लेकिन कुछ ही समय बाद सैन्य नियंत्रण बढ़ाने की बात सामने आई। ईरान के ‘खातम अल अंबिया’ मुख्यालय के प्रवक्ता ने साफ किया कि इस क्षेत्र में आवागमन को सख्त सैन्य निगरानी में रखा गया है। इसके पीछे अमेरिका पर बार बार नियमों के उल्लंघन और समुद्री गतिविधियों में हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं।
मध्य पूर्व में जारी टकराव का असर इस अहम जलमार्ग पर साफ दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया भर में होने वाले तेल परिवहन का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग में बढ़ते जोखिम के कारण शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। जहाजों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं बीमा और परिवहन लागत भी बढ़ने लगी है। ऐसे हालात में हर सुरक्षित पार होने वाला जहाज न केवल संबंधित देश के लिए बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी राहत का संकेत माना जा रहा है।