आईएसबीटी, राजेंद्रनगर और पटना जंक्शन को जोड़ने का काम तेज करने का आदेश

स्टेट ब्यूरो, पटना

राज्य में शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को गति देने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया कि विकास परियोजनाओं में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास तौर पर पटना मेट्रो परियोजना को लेकर उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो के तहत शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों को आपस में जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, राजेंद्रनगर टर्मिनल और पटना जंक्शन को मेट्रो नेटवर्क से जल्द जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही मलाही पकड़ी से राजेंद्रनगर टर्मिनल तक के हिस्से को तेजी से पूरा करने और पटना जंक्शन तक मेट्रो पहुंचाने के कार्य में गति लाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन प्रमुख स्थानों के जुड़ने से आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम हो सकेगी। उन्होंने शहरी विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं की भी समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हों और उनकी गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

स्वच्छता और जलापूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक वंचित परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने दोहराई, ताकि शहरी गरीबों को राहत मिल सके।

कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल अपनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को सुचारु रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए। गंगा किनारे निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा करने को कहा गया।

ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जहां परंपरागत रूप से अंतिम संस्कार होते हैं, वहीं शवदाह गृह और मोक्षधाम का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत लगाए गए लाइटों को पूरी तरह चालू रखने के लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई। हर ग्राम पंचायत में सीसीटीवी लगाने की दिशा में भी काम तेज करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। नगर विकास विभाग ने शहरों के मास्टर प्लान और मेट्रो परियोजना की स्थिति पर प्रस्तुति दी, वहीं पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों का विवरण रखा। गया जिले में महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के विकास से संबंधित योजनाओं पर भी चर्चा की गई।

इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य में चल रही विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाते हुए आम लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।