तीन महिलाओं और चार वर्षीय बच्चे की कटकर मौत, रेलवे ने शुरू की विस्तृत जांच

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसे ने चार लोगों की जान ले ली। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री घबरा गए और ट्रेन से छलांग लगा दी। अफरा-तफरी के बीच वे पास की रेलवे लाइन पर पहुंच गए, जहां समानांतर ट्रैक पर तेज गति से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक चार वर्षीय बच्चे की कटकर मौत हो गई।

यह हादसा सरायछौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर रविवार शाम करीब 4:15 बजे हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में किसी यात्री के अलार्म चेन पुलिंग किए जाने के कारण ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री के मोबाइल फोन में अत्यधिक गर्मी होने या धुआं निकलने की बात फैल गई। कुछ ही देर में यह चर्चा आग लगने की अफवाह में बदल गई। अचानक फैली इस सूचना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और कुछ यात्रियों ने घबराकर ट्रेन से छलांग लगा दी। ट्रेन से उतरने के बाद वे पास की रेलवे लाइन पर पहुंच गए।

इसी दौरान आगरा की ओर से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। अफरा-तफरी के बीच रेलवे ट्रैक पर पहुंचे चार यात्री उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि तीन महिलाओं और एक चार वर्षीय बच्चे की मौके पर ही कटकर मौत हो गई।

मृतकों की पहचान 35 वर्षीय आफरीन पत्नी नदीम खान निवासी आगरा, उनके चार वर्षीय पुत्र असद खान, 60 वर्षीय शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार निवासी रुनकता, आगरा तथा 60 वर्षीय विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी निवासी बीकानेर, राजस्थान के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। हादसे के बाद कुछ समय तक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

रेलवे ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अलार्म चेन पुलिंग किन परिस्थितियों में की गई, मोबाइल फोन से धुआं निकलने या गर्म होने की सूचना कैसे फैली और अफवाह के कारण यात्री किस तरह रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए। फिलहाल प्रारंभिक तौर पर आग लगने की अफवाह को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि अपुष्ट सूचनाएं और अफवाहें किस तरह कुछ ही क्षणों में भयावह त्रासदी का रूप ले सकती हैं। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।