• ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत के बीच सरकार का बड़ा फैसला। सरकारी खर्च में हजारों करोड़ रुपये की कटौती की तैयारी


नई दिल्ली : देश में एलपीजी गैस सिलेंडर और उससे जुड़ी सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है। इस फैसले के बाद करोड़ों लाभार्थियों को पहले की तुलना में कम आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।


हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव और ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल का असर एलपीजी कीमतों पर भी पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 89 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इससे भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव और लागत में इजाफे के कारण सरकार को सब्सिडी व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ी।


पहले क्या मिलता था, अब क्या मिलेगा

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले साल में 9 गैस सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी। 942 रुपये कीमत वाले सिलेंडर पर यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती थी। इस तरह एक परिवार को सालभर में कुल 2,700 रुपये तक की सहायता मिल जाती थी।


अब सरकार ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाकर 4 कर दी है। इसका मतलब है कि अब एक परिवार को पूरे साल में अधिकतम 1,200 रुपये की ही सब्सिडी मिलेगी। बाकी सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं को पूरी कीमत चुकानी होगी।


सरकार को कितनी होगी बचत

देश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 के तहत करीब 10.58 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जुड़े हुए हैं। पहले सरकार एक परिवार को सालाना 2,700 रुपये तक की सब्सिडी देती थी। इस आधार पर कुल खर्च लगभग 28,566 करोड़ रुपये बैठता था। अब सब्सिडी घटाकर 1,200 रुपये सालाना कर दिए जाने से यह खर्च करीब 12,696 करोड़ रुपये रह जाएगा। यानी सरकार को हर साल लगभग 15,870 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।


सरकार पर पहले से है भारी आर्थिक बोझ

सरकार उज्ज्वला योजना पर लगातार बड़ी राशि खर्च कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना का बजट 12,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक इस योजना पर करीब 52,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण एक सिलेंडर की आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंचने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को काफी कम कीमत पर गैस उपलब्ध कराई जाती है।


एक सिलेंडर की कीमत में क्या-क्या जुड़ता है

14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में केवल गैस की लागत शामिल नहीं होती। इसमें डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन और जीएसटी भी जुड़ता है।

आंकड़ों के अनुसार, एक सिलेंडर की मूल कीमत लगभग 823.73 रुपये होती है। इस पर करीब 73.08 रुपये डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन जुड़ता है। इसके बाद 5 प्रतिशत जीएसटी के रूप में लगभग 45.19 रुपये और शामिल हो जाते हैं। इस तरह सिलेंडर की अंतिम कीमत करीब 942 रुपये तक पहुंच जाती है।

यानी एक सिलेंडर पर लगभग 118.27 रुपये टैक्स और वितरण संबंधी खर्च के रूप में जुड़े रहते हैं।


सरकार टैक्स कम क्यों नहीं करती

अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि यदि गैस सिलेंडर महंगा हो रहा है तो सरकार टैक्स कम करके राहत क्यों नहीं देती। वित्त वर्ष 2025-26 में एलपीजी पर लगने वाले जीएसटी से सरकार को लगभग 4,000 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को मिलने वाले टैक्स का उपयोग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और अन्य सार्वजनिक खर्चों में किया जाता है। ऐसे में टैक्स में बड़ी कटौती करने से सरकारी राजस्व प्रभावित हो सकता है।


साथ ही सरकार ऐसी स्थिति से भी बचना चाहती है जिसमें सीधे कीमतों में भारी वृद्धि कर आम लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़े। इसलिए सरकार आमतौर पर सब्सिडी, टैक्स और कीमतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है, ताकि वित्तीय दबाव भी नियंत्रित रहे और उपभोक्ताओं पर बोझ भी सीमित रखा जा सके।


आम लोगों पर क्या होगा असर

सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने का सीधा असर उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों पर पड़ेगा। पहले जहां उन्हें सालाना 2,700 रुपये तक की सहायता मिल जाती थी, वहीं अब यह राशि घटकर 1,200 रुपये रह जाएगी। ऐसे में अधिक गैस इस्तेमाल करने वाले परिवारों का खर्च बढ़ सकता है।

हालांकि सरकार का मानना है कि बढ़ती ऊर्जा लागत और सब्सिडी के भारी बोझ के बीच यह कदम वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है। आने वाले समय में इसका असर सरकार के खर्च और उपभोक्ताओं की जेब दोनों पर दिखाई देगा।