जिला प्रशासन से जांच और व्यवस्था सुधार की मांग
तरसेम सिंह फरंड
पंजाब के मानसा बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए कम्युनिटी टॉयलेट अब परेशानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर सरकार इन टॉयलेट को पूरी तरह मुफ्त बताती है, वहीं दूसरी ओर यहां तैनात कर्मचारी यात्रियों से जबरन पैसे वसूलने के आरोपों में घिर गए हैं। इससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मानसा बस स्टैंड पंजाब का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां से राज्य के साथ-साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड और चंडीगढ़ के लिए भी बसें संचालित होती हैं। लंबी दूरी तय करने वाले यात्री कुछ समय के लिए यहां रुकते हैं और इसी दौरान उन्हें चाय, नाश्ता या शौचालय की सुविधा का उपयोग करना पड़ता है। लेकिन इसी सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को मजबूरी में पैसे देने पड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि टॉयलेट के बाहर स्पष्ट रूप से यह लिखा हुआ है कि यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त है, फिर भी वहां मौजूद कर्मचारी यात्रियों से पैसे मांगते हैं। आरोप यह भी है कि महिला यात्रियों से भी बिना किसी झिझक के पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।
जब इस मुद्दे पर स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों से जानकारी ली गई, तो उन्होंने भी पुष्टि की कि बस स्टैंड पर बने कम्युनिटी टॉयलेट आम जनता और यात्रियों के लिए नि:शुल्क हैं। इसके बावजूद अगर वसूली हो रही है, तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ये टॉयलेट दिनभर खुले रहें और आखिरी बस तक यात्रियों को बिना किसी बाधा के सुविधा मिलती रहे।
यह मामला न केवल यात्रियों की सुविधा से जुड़ा है, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और यात्रियों को राहत दिला पाता है या नहीं।