सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क, झारखंड पुलिस मुख्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

कौस्तुभ कुमार मलयज

झारखंड पुलिस मुख्यालय में नक्सलियों के आत्म समर्पण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 20 से अधिक नक्सली आत्म समर्पण कर मुख्य धारा में लौटेंगे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। सारंडा जंगल में सक्रिय महिला नक्सलियों समेत दो दर्जन से अधिक उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने हथियार डाल दिये हैं। इसे झारखंड के नक्सल इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक सरेंडर माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े बताये जा रहे हैं। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है और वह लंबे समय से सारंडा इलाके में नक्सली गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा है।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार सरेंडर करने वालों में कई हार्डकोर महिला नक्सली और एक से 10 लाख रुपये तक के इनामी उग्रवादी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने एलएमजी, राइफल समेत करीब एक दर्जन हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे हैं। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में सभी नक्सली विधिवत आत्मसमर्पण करेंगे। इस दौरान DGP समेत कोल्हान क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे।

सूत्रों का कहना है कि सारंडा क्षेत्र में आधिकारिक तौर पर 45 से 50 नक्सली सक्रिय थे। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर से संगठन को बड़ा झटका माना जा रहा है। झारखंड सरकार की नई सरेंडर पॉलिसी के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सामान्य जेल की बजाय हजारीबाग ओपन जेल में रखा जायेगा। यहां उन्हें परिवार के साथ रहने, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ने की सुविधा मिलेगी।