समय से पहले दस्तक देगा मॉनसून, लेकिन अरब सागर की हलचल और पाकिस्तान से आ रही गर्म हवाओं ने बढ़ाई चिंता

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले कई दिनों तक हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा है।

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही और जौनपुर समेत 33 जिलों में लू को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 19 मई से 21 मई के बीच लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन को भी स्वास्थ्य सेवाओं और राहत इंतजाम मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि मध्य प्रदेश, विदर्भ और मराठवाड़ा के कई इलाकों में पारा 45 से 46 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण दिल्ली में भी तापमान 44 डिग्री से ऊपर जा सकता है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना जताई जा रही है।

भीषण गर्मी के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य समय से पहले आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। आमतौर पर 22 मई तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहुंचने वाला मॉनसून इस बार 16 मई को ही वहां पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि मॉनसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसके आगमन में कुछ दिनों की देरी भी संभव है।

इसी बीच अरब सागर में बन रही मौसमीय हलचल ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर में एक एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय है। जब तक यह विपरीत चक्रवाती क्षेत्र बना रहेगा और उत्तर-पश्चिम दिशा से गर्म हवाएं अरब सागर की ओर बहती रहेंगी, तब तक मॉनसून की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान और पश्चिमी ईरान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं ने दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्मी को और बढ़ा दिया है। इसी वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल बारिश की संभावना कमजोर मानी जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में मॉनसून 1 जून तक केरल पहुंचता है और फिर धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ता है। अनुमान है कि जून के पहले पखवाड़े तक कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और बिहार के कुछ हिस्सों तक इसकी पहुंच हो सकती है। यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के पहले सप्ताह तक मॉनसून पूरे देश को कवर कर सकता है।

फिलहाल देश के बड़े हिस्से में लोग भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मौसम वैज्ञानिक मॉनसून की अगली चाल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।