मुंबई में उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक, सीईपीए की प्रगति और संयुक्त निवेश परियोजनाओं की समीक्षा
मुंबई : करीब 101 अरब डॉलर के सालाना द्विपक्षीय व्यापार को अगले छह वर्षों में लगभग दोगुना करने की दिशा में भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने कदम तेज कर दिए हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2032 तक व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ निवेश के नए रास्ते खोलने और ऊर्जा से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तथा स्टार्टअप तक साझेदारी का दायरा बढ़ाने पर मंथन किया है।
भारत-यूएई निवेश पर उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक सोमवार को मुंबई में हुई। इसकी सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की। वर्ष 2013 में गठित यह कार्यबल दोनों देशों में निवेश के अवसर तलाशने और निवेशकों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान का मंच है।
बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025 में गैर-तेल व्यापार 76.2 अरब डॉलर रहा। दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए), द्विपक्षीय निवेश संधि और कराधान सहित विभिन्न समझौतों की प्रगति की समीक्षा की। तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक माहौल में व्यापार को अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
बड़े निवेश प्रस्तावों पर आगे बढ़ी बात
संयुक्त कार्यबल ने गुजरात में फूड पार्क सहित विभिन्न संयुक्त निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। वर्ष 2026 के अंत से पहले यूएई में इन्वेस्ट इंडिया कार्यालय का संचालन शुरू होने की संभावना का भी स्वागत किया गया। बैठक में एमिरेट्स एनबीडी द्वारा भारत के आरबीएल बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी के करीब तीन अरब डॉलर के अधिग्रहण और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल में एक अरब डॉलर के निवेश का उल्लेख किया गया।
इसके अलावा ओडिशा में एकीकृत एल्युमिनियम परिसर स्थापित करने के लिए 11.5 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश की इच्छा जताई गई। भारत की गिफ्ट सिटी में मशरेक बैंक, फर्स्ट अबू धाबी बैंक और अबू धाबी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा कार्यालय खुलने को भी दोनों देशों के बढ़ते वित्तीय सहयोग से जोड़कर देखा गया।
स्थानीय मुद्रा में लेनदेन बढ़ाने की तैयारी
वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा स्थानीय मुद्रा में लेनदेन, भुगतान और संदेश प्रणालियों के एकीकरण तथा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा से जुड़ी पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने इनके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए मिलकर आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।
एआई से अंतरिक्ष तक बढ़ेगा सहयोग
बैठक में ऊर्जा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अबू धाबी और भारत के बीच हवाई संपर्क बेहतर करने के साथ गुजरात के धोलेरा में विमानन एवं लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के निवेश अवसरों पर भी विचार किया गया। दोनों देशों ने फास्ट ट्रैक तंत्र के जरिए भारत में यूएई और यूएई में भारतीय कंपनियों से जुड़े लंबित निवेश मामलों का समयबद्ध समाधान करने पर सहमति जताई।
पीयूष गोयल ने कहा कि यूएई भारत का विश्वसनीय मित्र और साझेदार है। निवेश, नवाचार और विकास पर आधारित साझेदारी में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावनाएं हैं। शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि संयुक्त कार्यबल निवेशकों की समस्याओं के समाधान और सहयोग के नए अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण मंच बना है।
