विजेताओं को संयुक्त रूप से मिलेंगे 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर, वर्ष 1969 में शुरू हुआ था अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में उतार-चढ़ाव को समझने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने से जुड़े शोध के लिए दो अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को इस वर्ष का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2026 के अर्थशास्त्र पुरस्कार के लिए रॉबर्ट हॉल और माइकल वुडफोर्ड का चयन किया गया है। दोनों विद्वानों को व्यापक आर्थिक स्थिरीकरण के सूक्ष्म आर्थिक आधारों पर किए गए महत्वपूर्ण कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।

दोनों अर्थशास्त्रियों का शोध इस बात को समझने से जुड़ा है कि व्यक्तियों और कंपनियों के आर्थिक निर्णय व्यापक अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित करते हैं और आर्थिक अस्थिरता से निपटने की नीतियों को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। उनके कार्य को आधुनिक व्यापक अर्थशास्त्र के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जाता है।

अर्थशास्त्र के इस प्रतिष्ठित सम्मान का औपचारिक नाम अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र में स्वेरिगेस रिक्सबैंक पुरस्कार है। विजेताओं को संयुक्त रूप से 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर की राशि प्रदान की जाएगी, जो लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर है। इस घोषणा के साथ वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा का क्रम भी पूरा हो गया है।

अर्थशास्त्र का नोबेल अन्य पांच मूल नोबेल पुरस्कारों से अलग इतिहास रखता है। अल्फ्रेड नोबेल ने वर्ष 1895 में अपनी वसीयत में जिन पुरस्कारों की व्यवस्था की थी, उनमें अर्थशास्त्र शामिल नहीं था। बाद में स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने इस पुरस्कार की स्थापना की और वर्ष 1969 में पहली बार इसे प्रदान किया गया।

इस सम्मान के इतिहास में अमेरिकी अर्थशास्त्रियों का दबदबा रहा है। हालांकि, महिला अर्थशास्त्रियों की भागीदारी अब भी सीमित है। अब तक केवल तीन महिलाओं को यह पुरस्कार मिला है। वर्ष 2023 में अमेरिकी अर्थशास्त्री क्लाउडिया गोल्डिन को श्रम बाजार में महिलाओं की स्थिति तथा वेतन और रोजगार से जुड़ी लैंगिक असमानताओं पर उनके शोध के लिए सम्मानित किया गया था।

इस वर्ष पुरस्कार की घोषणा से पहले संभावित विजेताओं को लेकर भी चर्चाएं चल रही थीं। इंस्टीट्यूट फॉर साइंटिफिक इन्फॉर्मेशन ने मौद्रिक नीति, सूचना प्रौद्योगिकी के अर्थशास्त्र और विकासवादी आर्थिक सिद्धांत जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध करने वाले विद्वानों का आकलन किया था।

वर्ष 2025 में अर्थशास्त्र का नोबेल जोएल मोकिर, फिलिप एघियन और पीटर हॉविट को प्रदान किया गया था। उनके शोध का संबंध नवाचार और रचनात्मक विनाश की प्रक्रिया से था, जिसके माध्यम से नई तकनीक और उत्पादन पद्धतियां पुरानी व्यवस्थाओं का स्थान लेकर आर्थिक विकास को गति देती हैं तथा जीवन स्तर सुधारने में योगदान करती हैं।

इससे पहले पिछले सप्ताह चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणाएं की गई थीं। अर्थशास्त्र पुरस्कार की घोषणा के साथ इस वर्ष के सभी छह श्रेणियों के विजेताओं की तस्वीर स्पष्ट हो गई है।