ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्तेमाल से बढ़ी वैश्विक चिंता

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

यूक्रेन की राजधानी कीव ने रविवार रात युद्ध के सबसे भयावह हमलों में से एक का सामना किया, जब रूस ने एक साथ ड्रोन और मिसाइलों की भारी बौछार कर दी। लगातार होते धमाकों, आसमान में उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार ने पूरे शहर को दहला दिया। रातभर सायरन गूंजते रहे और हजारों लोग अपनी जान बचाने के लिए मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत बंकरों में शरण लेने को मजबूर हो गए।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस ने इस बड़े हमले में लगभग 600 ड्रोन और 90 मिसाइलों का इस्तेमाल किया। एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हथियारों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, लेकिन बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन राजधानी समेत कई इलाकों में गिरने में सफल रहे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक क्रूज मिसाइल को कीव के केंद्रीय हिस्से में गिरते देखा गया, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ और आसपास का इलाका आग की चपेट में आ गया।

हमले में कीव के लुकियानिव्स्का मेट्रो स्टेशन के पास स्थित बिजनेस सेंटर, बाजार और कई व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक छोटा कैफे, जिसे पिछले रूसी हमलों के बाद कई बार दोबारा तैयार किया गया था, इस बार फिर पूरी तरह तबाह हो गया। यूक्रेनी प्रशासन ने बताया कि इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई रिहायशी इमारतों, स्कूलों और बाजारों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमले का मकसद सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शहरों में दहशत फैलाना था। सिबिहा ने बताया कि कीव के अलावा चेर्कासी, खार्किव, क्रोपिवनित्स्की, ओडेसा, पोल्टावा, सूमी और झितोमिर क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने इस बार ओरेशनिक नाम की हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। यह रूस की नई और बेहद खतरनाक मिसाइल प्रणालियों में गिनी जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक ओरेशनिक मिसाइल ध्वनि की गति से करीब 10 गुना तेज उड़ान भर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि यह जमीन के भीतर बने मजबूत बंकरों और सुरक्षात्मक ढांचों को भी तबाह करने की क्षमता रखती है। रूस इससे पहले नवंबर 2024 में यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर में इस मिसाइल का इस्तेमाल कर चुका है। बाद में पश्चिमी यूक्रेन के लवीव क्षेत्र में भी इसके उपयोग की खबरें सामने आई थीं।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उसने ओरेशनिक समेत कई मिसाइल प्रणालियों का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन के सैन्य कमांड सेंटर, एयरबेस और सैन्य उद्योग से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि मॉस्को ने इन ठिकानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

रूस ने दावा किया कि यह हमला रूस-नियंत्रित क्षेत्रों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में किया गया। दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरसोनिक हथियारों का बढ़ता इस्तेमाल युद्ध को और ज्यादा खतरनाक बना सकता है, क्योंकि पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इन्हें रोकना बेहद कठिन माना जाता है। यूक्रेन युद्ध अब ऐसे दौर में पहुंचता दिख रहा है, जहां हर नया हमला पहले से ज्यादा विनाशकारी साबित हो रहा है।