गणेश धर द्विवेदी
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली समूह सखियों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। समूह सखी वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन का कहना है कि देवरिया जिले में कार्यरत समूह सखियों को पिछले दो वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण समूह सखियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने समूह सखियों को स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम 21 हजार रुपये मासिक मानदेय लागू करने तथा प्रत्येक समूह सखी का 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराने की मांग उठाई। उनका आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा समूह सखियों के साथ शोषण किया जाता है। उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

समूह सखियों ने ऑनलाइन कार्य करने के लिए मोबाइल फोन और डाटा की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की भी मांग की। महिलाओं ने कहा कि सरकार की ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने में समूह सखियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन समय से मानदेय नहीं मिलने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
