नए महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों की रोजमर्रा पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली : अगस्त महीने की शुरुआत के साथ देशभर में कई ऐसे नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों की जेब और दैनिक जीवन से है। रेलवे में तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न, एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों, बैंकिंग व्यवस्था और क्रेडिट कार्ड नियमों तक कई अहम परिवर्तन प्रभावी होंगे। ऐसे में इन बदलावों की जानकारी पहले से होना जरूरी है।

रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए नया टोकन सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत आरक्षण काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ कम करने और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा। पहले यात्रियों को टोकन लेने और टिकट बुक कराने के लिए अलग-अलग समय पर दो बार लाइन में लगना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था से इस परेशानी में राहत मिलने की उम्मीद है।

इनकम टैक्स विभाग ने सामान्य करदाताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की है। जो लोग निर्धारित समय तक आईटीआर दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें 1 अगस्त से विलंब शुल्क और अन्य नियमानुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय रहते रिटर्न दाखिल करना करदाताओं के हित में माना जा रहा है।

हर महीने की तरह अगस्त की पहली तारीख को भी तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी संशोधन होने की संभावना बनी हुई है।

बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 2 अगस्त से सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 प्रणाली लागू की जाएगी। इसके बाद ग्राहक की अनुमति मिलने पर बैंक, बीमा कंपनियां और एसेट मैनेजमेंट संस्थान केंद्रीय रजिस्ट्री से सीधे आवश्यक केवाईसी विवरण प्राप्त कर सकेंगे। इससे दस्तावेजों की बार-बार मांग कम होगी और डिजिटल प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित व तेज बनने की उम्मीद है।

इसके अलावा कई बैंक 1 अगस्त से अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में भी संशोधन कर सकते हैं। रिवॉर्ड प्वाइंट, लेट पेमेंट शुल्क और अन्य सेवा शुल्क में बदलाव संभव है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों और होम व ऑटो लोन की ईएमआई में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक द्वारा जारी नई गाइडलाइन पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।