• चिरैया के बैद्यनाथपुर चौक पर घंटों तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा, नीचे रोते रहे परिजन और दुआ मांगते रहे ग्रामीण


पूर्वी चंपारण : चिरैया में मंगलवार की दोपहर अचानक ऐसा दृश्य बना, जिसने पूरे इलाके की धड़कनें रोक दीं। बैद्यनाथपुर चौक पर रोज की तरह दुकानें खुली थीं, लोग बाजार में आ जा रहे थे और सड़क पर सामान्य चहल पहल थी। तभी अचानक किसी की नजर जियो कंपनी के ऊंचे मोबाइल टावर पर पड़ी। लोगों ने देखा कि एक युवती तेजी से टावर पर चढ़ती चली जा रही है। कुछ ही सेकंड में वहां अफरा तफरी मच गई। दुकानदार अपनी दुकान छोड़कर बाहर निकल आए, राहगीरों के कदम थम गए और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।


टावर पर चढ़ी युवती की पहचान बहुअरवा गांव निवासी आलम देवान की 19 वर्षीय पुत्री शबनम खातून के रूप में हुई। बताया जाता है कि शबनम लंबे समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से जूझ रही थी। मंगलवार को वह कब चुपचाप घर से निकल गई, इसकी भनक तक परिवार को नहीं लगी। घरवालों को तब जानकारी मिली जब गांव और बाजार के लोगों ने फोन कर बताया कि एक लड़की टावर के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई है।


कुछ ही देर में वहां चीख पुकार का माहौल बन गया। शबनम के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो उनकी हालत देखकर लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मां और परिवार के अन्य सदस्य हाथ जोड़कर ऊपर खड़ी शबनम से नीचे उतर आने की गुहार लगाते रहे। नीचे खड़े लोग हर पल डर के साये में थे, क्योंकि टावर की ऊंचाई इतनी थी कि जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी।


घटना की गंभीरता को देखते हुए चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत इलाके को घेर लिया ताकि भीड़ अनियंत्रित न हो। इस बीच शबनम टावर के बीच हिस्से में जाकर बैठ गई। तेज धूप, गर्म हवा और ऊंचाई के बीच वह घंटों तक वहीं डटी रही। नीचे खड़े पुलिसकर्मी और ग्रामीण लगातार आवाज लगाकर उसे समझाते रहे कि वह सुरक्षित नीचे उतर आए।


थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बेहद धैर्य और संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभालने की कोशिश की। पुलिसकर्मी बार बार उसे जिंदगी का वास्ता देते रहे। कई ग्रामीणों ने भी भावुक होकर उसे पुकारा और भरोसा दिलाया कि कोई उसे नुकसान नहीं पहुंचाएगा। लेकिन मानसिक अस्वस्थता के कारण शबनम किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी।


समय बीतने के साथ वहां मौजूद लोगों की बेचैनी और बढ़ती चली गई। कोई दुआ कर रहा था, कोई हाथ जोड़कर ऊपर देख रहा था, तो कोई आंखें बंद कर भगवान से उसकी सलामती मांग रहा था। पूरे इलाके में तनाव और सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए नीचे मुस्तैद रही ताकि अगर कोई अप्रिय घटना हो तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।