मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने लोगों से मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करने की अपील की


कर्नाटक में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और नए पात्र मतदाताओं का विवरण अपडेट करने के उद्देश्य से मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू हो गया। इस अभियान के तहत निर्वाचन आयोग की टीमें राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगी। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक जारी रहेगी और 5.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं को इसके दायरे में लाया जाएगा।

अभियान की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने लोगों से अपील की कि वे समय रहते यह सुनिश्चित कर लें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ताकत है और इसे सुरक्षित रखना प्रत्येक पात्र नागरिक की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट देने का अधिकार जीवन के अधिकार जितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इस तरह की प्रक्रिया के दौरान अयोग्य राशन कार्ड धारकों की पहचान कर उनके नाम हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार अन्य राज्य भी इसी प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है तो भविष्य में उसे विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और अन्य लाभों से भी वंचित होना पड़ सकता है।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनबुकुमार ने बताया कि इस विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए 59,050 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तैनात किया गया है। इनके अलावा 7,556 बीएलओ सुपरवाइजर और बड़ी संख्या में चुनाव पंजीकरण अधिकारी भी निगरानी और सत्यापन कार्य में जुटे रहेंगे। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.10 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों को भी इस प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।


मतदाताओं को पते का वैध प्रमाण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (पीआरसी) जारी करने का निर्णय लिया है। नागरिक इस प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन 'सेवा सिंधु' पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अटल जनस्नेही केंद्र (नादकचेरी), बेंगलुरु वन, कर्नाटक वन और ग्राम वन जैसे नागरिक सेवा केंद्रों पर जाकर ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।