माध्यमिक शिक्षक संघ, ठकुराई के अध्यक्ष ने कहा, “शिक्षक हित के नाम पर राजनीति करने औऱ विधानसभा और विधान परिषद में चुप्पी साध लेने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा”

निखिल पाण्डेय

शिक्षक हित के नाम पर राजनीति करने औऱ विधानसभा और विधान परिषद में चुप्पी साध लेने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगाl शिक्षकों के हित की बात सबसे ऊंचे स्वर में गूंजनी चाहिए। इस संकल्प को लेकर गोरखपुर की धराधाम पर गोकुल अतिथि भवन में 7 और 8 मई 2026 को आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट को 63वां प्रादेशिक वार्षिक महाधिवेशन और शैक्षिक विचार गोष्ठी की तैयारी अंतिम चरण में है।

बताया जाता है कि इस कार्यक्रम में शिक्षकों के समक्ष बढ़ती चुनौतियों और उसके समाधान को लेकर मंथन होगा। यह भी बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में जुटे प्रदेश भर के शिक्षक अपने हक और अधिकार की मांगों को पूरा करने के लिए हुंकार भरने की रणनीति पर मुहर लगाएंगे। इसके बाद तय रणनीति के मुताबिक लामबंद होकर शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक हीरालाल गौड़ ने बताया कि शिक्षकों की तमाम ऐसी समस्याएं हैं, जिन पर इस अधिवेशन में चर्चा और विमर्श होगा और उनके समाधान के लिए पूरी शक्ति से सांगठनिक रणनीति बनाई जाएगी। 

"दो दिवसीय इस महाधिवेशन में शिक्षकों के हित से जुड़े विषयों पर गहन विमर्श किया जायेगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिक्षक हित के नाम पर राजनीति करने औऱ विधानसभा और विधान परिषद में चुप्पी साध लेने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगाl शिक्षकों के हित की बात सबसे ऊंचे स्वर में गूंजनी चाहिए।"-डॉ. जय प्रकाश नायक, अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ, ठकुराई

इस संबंध में शिक्षक संघ ठकुराई के अध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश नायक ने बताया कि इस दो दिवसीय महाधिवेशन में शिक्षकों के समक्ष बढ़ती चुनौतियों और उसके समाधान पर गहन विमर्श होगा। उनहोंने बताया कि इस कार्यक्रम के पहले दिन बतौर मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर चितरंजन मिश्रा, प्रोफेसर एसपी त्रिपाठी, प्रोफेसर रजनीकांत पांडेय शिरकत करेंगे। वहीं दूसरे दिन के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद बतौर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर अनिल राय, प्रोफेसर चंद्रभूषण अंकुर, प्रोफेसर असीम सत्यदेव शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय महाधिवेशन में शिक्षाविद, विद्वान व प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक साथी प्रतिभाग करेंगे। 

बातचीत में ठकुराई के अध्यक्ष ने कहा कि बहुत से लोग शिक्षकों के हितों की बात करके विधानसभा और विधान परिषदों में पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्होंने राजनीतिक हित तो पूरे कर लिए, लेकिन शिक्षक हितों पर चुप्पी साध ली। और तो और शिक्षक नेताओं द्वारा शिक्षकों के हित के लिए लड़ने का दिखावा करने की प्रवृत्ति नें शिक्षकों की गरिमा को हाशिये पर पहुंचा दिया है। उन्होंने पूरे प्रदेश के शिक्षकों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षको के लिए सम्मान, सुरक्षा औऱ जीवन यापन से जुडी चुनौतियां बड़ी हैं, इसके लिए आवाज उठाना आवश्यक है“शिक्षकों के लिए सम्मान सबसे महत्वपूर्ण लुभावने विषय है। भाषणों से इतर कुछ आवश्यक बुनियादी सवाल खड़े करने और उन पर सार्थक बहस कर व्यावहारिक समाधान के लिए यह अधिवेशन, ऐतिहासिक होने वाला है l मेरी अपील है प्रदेश भर के शिक्षक इसमें सहभागिता करें।“हीरालाल गौड़, कार्यक्रम संयोजक



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