डीएम ने जिम्मेदारों से कहा, निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही और मानकों से समझौता कत्तई स्वीकार नहीं, गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए

गणेश धर द्विवेदी

देवरिया डीएम मधुसूदन हुल्गी बुधवार को दिन के करीब 10 बजे चकरवाधूस पहुंचे। यहां 10 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से बने रहे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय भवन की बानगी को देखा। यहां डीएम के अचानक पहुंचने से जिम्मेदार सकते में आ गए। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को परखा व समझा। फिर प्वाइंट-टू-प्वाइंट जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किया। कहा, निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही और मानकों से समझौता कत्तई स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए।

मौके पर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अधिकारियों ने बताया कि 10 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस परियोजना में अब तक 7 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है, करीब 80 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूर्ण हो चुकी है। शेष 3 करोड़ 61 लाख रुपये की धनराशि के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शेष धनराशि प्राप्त होते ही अवशेष निर्माण कार्य को शीघ्रता के साथ पूर्ण कर लिया जाएगा।

इसके बाद डीएम ने जिम्मेदारों को निर्देश दिया कि शासन स्तर पर समन्वय स्थापित कर शेष धनराशि शीघ्र प्राप्त की जाए और आवंटन प्राप्त होने के दो माह के भीतर ही निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन को हैंडओवर करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान डीएसटीओ मृत्युजंय चतुर्वेदी, सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक मनीष चंद्र व स्थानिय अभियंता बीपी सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

अचानक सदर तहसील पहुंचे डीएम, पुराने वादों की पत्रावलियों की ली जानकारी

उधर, एआरटीओ कार्यालय भवन की बानगी देखने के बाद डीएम मधुसूदन हुल्गी सीधे देवरिया सदर तहसील पहुंच गए। यहां अचानक पहुंचने से जिम्मेदारों के बीच अफरातफरी मच गई। यहां पहुंचते ही डीएम ने बगैर सवाल जवाब किए तहसील परिसर, न्यायालय सहित सभी कार्य पटलों का जायजा लिया और वहां की कार्यशैली को जांचा और परखा। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आमजन से संवाद कर व्यवस्थाओं कार्यशैली की जानकारी ली।

इसके बाद डीएम ने तीन से पांच वर्ष पुराने वादों की पत्रावलियों को निकलवाया और उनमें से एक दो पुराने प्रकरणों का अवलोकन कर संबंधित कर्मचारियों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। फिर न्यायालयों के पेशकारों को फर्दकाम का सही अंकन नियमित रूप से करने की सलाह दी। पत्रावलियों का रखरखाव व्यवस्थित ढंग से करने को कहा। तहसील स्तरीय सभी पीठासीन अधिकारियों को पुराने वादों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने का निर्देश दिया और किसी तरह की लापरवाही और गड़बड़ी न हो इसकी हिदायत भी दी। साथ ही डीएम ने जिम्मेदारों को तहसील परिसर और भवन की साफ-सफाई रखते हुए स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया।

डीएम तहसील सभागार में तहसीलबार एसोशिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं से मुखातिब हुए और सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिवक्ताओं से वादों के त्वरित निस्तारण में सहयोग करने की अपेक्षा की, कहा कि न्यायिक और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता व समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। इस दौरान उप जिलाधिकारी प्रवीण कुमार, तहसीलदार केके मिश्र, नायब तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक, राजस्व कर्मी व अधिवक्ता उपस्थित रहे।