केंद्र सरकार की नई योजना से टोल प्लाजा पर खत्म होगा इंतजार

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि दिसंबर तक कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इस नई प्रणाली के लागू होने से यात्रा अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।

लॉजिस्टिक्स शक्ति समिट और अवार्ड्स 2026 के दौरान अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए अपने परिवहन ढांचे को और मजबूत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य देश में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है, ताकि उद्योग और व्यापार को गति मिल सके।

नई टोल प्रणाली अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित होगी। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम और FASTag के माध्यम से वाहनों की पहचान कर बिना किसी रुकावट के शुल्क लिया जाएगा। इस व्यवस्था में हाई-परफॉर्मेंस कैमरे और डिजिटल रीडर वाहन के गुजरते ही उसकी जानकारी दर्ज कर लेंगे और टोल राशि स्वतः कट जाएगी।

सरकार ने नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान भी किए हैं। यदि कोई वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर संबंधित FASTag को निलंबित किया जा सकता है और वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े अन्य दंड भी लगाए जा सकते हैं।

गडकरी ने कहा कि देश में एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों के विकास से लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। हालिया अध्ययन के अनुसार यह लागत पहले जहां 16 प्रतिशत के आसपास थी, अब घटकर करीब 10 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और यूरोप में यह लागत लगभग 12 प्रतिशत है, जबकि चीन में 8 से 10 प्रतिशत के बीच है।

ऊर्जा आयात पर निर्भरता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे लागत पर असर पड़ता है। ऐसे में परिवहन व्यवस्था को अधिक कुशल बनाना जरूरी है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। नई टोल प्रणाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।