चीन-ईरान संबंधों पर भी ट्रंप की टिप्पणी, तनाव के बीच कूटनीति और ताकत दोनों का संकेत

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी दुनिया के लिए खोलने जा रहे हैं और इससे सबसे अधिक फायदा चीन को होगा।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी संघर्ष विराम की स्थिति बनी थी। इसके बाद क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत के प्रयास भी हुए, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका। इससे पहले ट्रंप ने इस जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की चेतावनी दी थी और कहा था कि ईरान को टोल देने वाले जहाजों को अमेरिकी नौसेना निशाना बना सकती है।

अब अपने नए संदेश में ट्रंप ने रुख बदलते हुए कहा कि वह वैश्विक व्यापार और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को सभी देशों के लिए खुला रखना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन ने भी इस दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया है और भविष्य में ईरान को हथियार आपूर्ति को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में उनकी चीन यात्रा प्रस्तावित है, जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हो सकती है। उन्होंने इस संभावित मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि बातचीत और समझदारी के जरिए समाधान निकालना हमेशा बेहतर विकल्प होता है, हालांकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपनी ताकत दिखाने में भी सक्षम है।

वहीं, चीन की ओर से पहले ही उन रिपोर्ट्स का खंडन किया जा चुका है, जिनमें ईरान को बड़े पैमाने पर हथियार आपूर्ति की बात कही जा रही थी। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए संकेत दे रहा है, जहां कूटनीति और रणनीतिक संतुलन दोनों की झलक देखने को मिल रही है।