आरोप है कि वह बिना वैध पासपोर्ट, वीजा और आवश्यक आव्रजन दस्तावेजों के भारत में रह रही थी तथा अवैध रूप से नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास कर रही थी


पूर्वी चम्पारण : भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हरपुर थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम के सहयोग से यूक्रेन की एक महिला नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला बिना किसी वैध यात्रा एवं आव्रजन दस्तावेज के भारत में रह रही थी और हरपुर बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत-नेपाल सीमा पार कर नेपाल जाने का प्रयास कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमा क्षेत्र में एक विदेशी महिला की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर हरपुर थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने सैनिक रोड के समीप विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान महिला को रोककर उसके यात्रा एवं पहचान संबंधी दस्तावेजों की मांग की गई, लेकिन वह कोई वैध पासपोर्ट, वीजा अथवा अन्य आवश्यक आव्रजन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रारंभिक जांच में आरोप है कि महिला हरपुर सीमा के रास्ते भारत से नेपाल में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर रही थी। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में कब और किस माध्यम से पहुंची, किन-किन स्थानों पर रही तथा उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसके पीछे किसी संगठित गिरोह, मानव तस्करी नेटवर्क अथवा अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों की भूमिका तो नहीं है।

सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर लगातार निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विदेशी नागरिकों के आवागमन से जुड़े सभी मामलों में आव्रजन नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गिरफ्तार महिला के विरुद्ध संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस, एसएसबी तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद इस प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इस कार्रवाई को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।