नए आईजी ने संभालते ही सख्त तेवर दिखाए, थानों को साफ संदेश कि लापरवाही और भ्रष्टाचार अब नहीं चलेगा

स्टेट ब्यूरो, बिहार

मगध की धरती पर एक बार फिर सख्त पुलिसिंग की चर्चा तेज हो गई है। बिहार पुलिस के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने छह वर्षों बाद फील्ड में वापसी करते हुए मगध रेंज के आईजी का पद संभाला तो उनके पहले ही संदेश ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब मगध में न किसी दबाव की जगह होगी और न किसी प्रकार के भेदभाव की। केवल कानून सर्वोच्च रहेगा और उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।

आईजी विकास वैभव के तेवर ने अपराधियों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है, वहीं आम लोगों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के लिए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पुलिस विभाग के भीतर भी जवाबदेही तय होगी और वर्दी की आड़ में मनमानी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पद संभालते ही उन्होंने थाना प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी है। आईजी ने कहा कि यदि किसी थाने में पीड़ित की शिकायत दर्ज करने में आनाकानी हुई, एफआईआर लेने में देरी की गई या अपराध की गंभीरता कम करने के लिए धाराओं में हेरफेर किया गया, तो संबंधित थाना प्रभारी पर सीधी कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसी बड़ी घटना की सूचना समय पर जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंचाने, अवैध वसूली करने या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में एकतरफा जांच करने की शिकायत मिलने पर भी तत्काल निलंबन और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विकास वैभव ने अपराध नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने का भी संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि लूट, डकैती और चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए रात में गश्ती व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। अब केवल जवान ही नहीं बल्कि वरिष्ठ अधिकारी भी रात में सड़कों पर उतरेंगे और हालात का जायजा लेंगे। इसके साथ ही थानों और हवालातों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा ताकि अवैध हिरासत और प्रताड़ना जैसी शिकायतों पर रोक लगाई जा सके।

मगध क्षेत्र में जमीन विवाद और अतिक्रमण लंबे समय से बड़ी समस्या माने जाते रहे हैं। इसे देखते हुए आईजी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जमीन से जुड़े मामलों में पूरी निष्पक्षता बरती जाए। साथ ही शहरों को जाम और अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त अभियान चलाने की बात कही गई है। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का संकेत दिया गया है और शराब माफिया के खिलाफ लगातार छापेमारी की तैयारी शुरू कर दी गई है।

विकास वैभव ने केवल सख्ती की बात नहीं की, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर थाने में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सेल बनाया जाएगा ताकि बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। इसके अलावा हर महीने के पहले शनिवार को सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस अधिकारियों और आम लोगों के बीच सीधा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां मौके पर ही शिकायतों का निपटारा करने की कोशिश होगी।

अपने संबोधन में आईजी ने पुलिसकर्मियों के कल्याण की बात भी की, लेकिन साफ कर दिया कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि उनके कार्यालय के दरवाजे शिकायतों के लिए हर समय खुले रहेंगे और लोगों को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मगध में विकास वैभव की वापसी को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि पुलिसिंग के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर आम लोगों में सुरक्षा और न्याय की उम्मीद मजबूत हुई है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों और सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वालों में बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आईजी की सख्त कार्यशैली अपराध के ग्राफ को कितनी तेजी से नीचे ला पाती है।