दरभंगा के ओझौल गांव में तड़के चार बजे हुई सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में मचा हड़कंप


दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित ओझौल गांव में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रेम विवाह की रंजिश में एक युवक की तलवार से काटकर हत्या किए जाने का आरोप बिहार पुलिस के एक दारोगा पर लगा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली। गंभीर हालत में उसे दरभंगा के अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

मृतक की पहचान दिलीप सहनी के पुत्र सुनील सहनी के रूप में हुई है। वहीं हत्या का आरोप बिहार पुलिस के दारोगा मोहम्मद मोबिन पर लगा है, जो वर्तमान में पटना में तैनात बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह इन दिनों छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले सुनील सहनी ने गांव के ही मो. बिहारी की पुत्री सानिया से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ अहमदाबाद में रह रहा था। दो दिन पहले ही वह पत्नी को लेकर गांव आया था, जिसके बाद सानिया अपने मायके चली गई थी।

आरोप है कि शुक्रवार तड़के करीब चार बजे सानिया के चाचा मोहम्मद मोबिन ने सुनील को फोन कर ताजिया की तैयारी देखने के बहाने मंदिर के पास बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, मोबिन ने कथित तौर पर कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले उसके साथ मारपीट की और फिर तलवार से उसके सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण सुनील की मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि आरोपी मोहम्मद मोबिन और सुनील कभी गहरे दोस्त थे, लेकिन प्रेम विवाह के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी। आरोप है कि मोबिन इस विवाह से नाराज था और इसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि पुलिस इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है।

सुनील की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपी दारोगा ने कथित रूप से अपनी कमर से पिस्टल निकालकर खुद को गोली मार ली। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने अपनी सर्विस पिस्टल का इस्तेमाल किया या किसी अन्य हथियार का।

घटना के बाद पूरे ओझौल गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

घटना की सूचना मिलते ही दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित एसडीपीओ को मामले में त्वरित कार्रवाई करने, अन्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले के हर पहलू की गहन और निष्पक्ष जांच जारी है।