उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर सांसदों और जन प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
नई दिल्ली : हाथों में तिरंगा, दिलों में देशभक्ति का जज्बा और जुबां पर वंदे मातरम की भावना के साथ बुधवार को राजधानी दिल्ली की सड़कों पर राष्ट्रीय गौरव का अनूठा नजारा दिखाई दिया। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली में सांसदों और जन प्रतिनिधियों ने भाग लेकर देश की एकता, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और तिरंगे के सम्मान का संदेश दिया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के भारत मंडपम से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
भारत मंडपम से शुरू हुई बाइक रैली मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम तक पहुंची। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव, एकता और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया गया। उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय गीत ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदलने का काम किया और यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम की भावना की सशक्त अभिव्यक्ति बना।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के अमर शब्दों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अनगिनत सेनानियों के भीतर साहस और बलिदान की भावना पैदा की। आजादी की लड़ाई के कठिन दौर में इस गीत ने देशवासियों को न केवल एक सूत्र में बांधा, बल्कि स्वतंत्र भारत की उम्मीद को भी जीवित रखा।

उपराष्ट्रपति ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप और ऐतिहासिक सेलुलर जेल से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों की यात्रा उनके लिए बेहद भावपूर्ण रही। उन्होंने 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा तिरंगा फहराए जाने की ऐतिहासिक घटना के साथ सेलुलर जेल में कैद उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भी याद किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम के राष्ट्रव्यापी प्रभाव का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं के योगदान को भी याद किया। उन्होंने राष्ट्रीय कवि सुब्रमण्यम भारती के साथ वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई, सुब्रमण्यम शिव, तिरुप्पुर कुमारन और वंचिनाथन के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सेनानियों ने वंदे मातरम की भावना और उसके संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा अभियान’ अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। देशभर में लोग तिरंगा यात्राओं, बाइक और साइकिल रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अभियान में भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि की भावना को मूर्त रूप देता है।
उन्होंने सांसदों और अन्य जन प्रतिनिधियों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को और व्यापक बनाने का आह्वान किया। साथ ही नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना के साथ तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करने को कहा।
बाइक रैली में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजीव रंजन सिंह, वीरेंद्र कुमार, जी. किशन रेड्डी, किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह सहित कई सांसदों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
