महिलाओं और युवाओं को सीधे खाते में पैसे देने का ऐलान, घुसपैठ रोकने और बाहर निकालने के साथ यूसीसी लागू करने की बात 

पश्चिम बंगाल। विधानसभा चुनाव से ठीक 13 दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी वादों को सामने रखते हुए सियासी माहौल को गरमा दिया है। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसे भरोसा पत्र नाम दिया गया है। इसमें महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों समेत विभिन्न वर्गों को साधने के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं।

अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र भरोसे का दस्तावेज है और सोनार बांग्ला के निर्माण का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी इसी भरोसे के साथ रचनात्मक तरीके से चुनाव में उतरना चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता बीजेपी को पांच साल के लिए सरकार बनाने का मौका देगी।

उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र खासतौर पर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए नई दिशा तय करेगा। शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लेफ्ट से परेशान जनता ने ममता बनर्जी को मौका दिया था और उन्हें तीसरा जनादेश भी मिला, लेकिन सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।

सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी ने कड़ा रुख अपनाया है।

 अमित शाह ने कहा कि उनकी सरकार घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर घुसपैठियों को बाहर निकालने के साथ ही राज्य और देश को सुरक्षित बनाने का काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल की सीमाओं को पूरी तरह सील किया जाएगा और गौ तस्करी पर भी रोक सुनिश्चित की जाएगी।

आर्थिक मोर्चे पर बीजेपी ने कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने कहा है कि हर महीने एक से पांच तारीख के बीच महिलाओं के खाते में तीन हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को भी तीन हजार रुपये मासिक भत्ता देने की घोषणा की गई है। कर्मचारियों के लिए बकाया महंगाई भत्ता देने और सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया गया है।

स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं को लेकर भी पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है। आयुष्मान भारत समेत सभी केंद्रीय योजनाओं को बंगाल में लागू करने की बात कही गई है। इसके साथ ही छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा भी किया गया है।

रोजगार के क्षेत्र में बीजेपी ने एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने की बात कही है। इसके साथ ही युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने का भी ऐलान किया गया है।

चुनाव से ठीक पहले जारी यह भरोसा पत्र साफ संकेत देता है कि बीजेपी इस बार हर वर्ग को साधने की रणनीति के साथ मैदान में उतरी है। अब देखना होगा कि बंगाल की जनता इन वादों को कितना स्वीकार करती है।