ब्रह्मपुरा पुलिस की सख्त कार्रवाई, ज्वेलरी दुकान सील, सवा 15 ग्राम गला सोना बरामद
बिहार। मुजफ्फरपुर में अपराध की दुनिया से जुड़ा एक बड़ा राज उस वक्त खुलकर सामने आया, जब ब्रह्मपुरा पुलिस ने सोना लूटने और उसे गलाकर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि शहर में अपराधी अब सिर्फ लूट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चोरी के माल को ठिकाने लगाने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार कर चुके हैं।
मामले का खुलासा एक अप्रैल की रात उस समय हुआ, जब ब्रह्मपुरा थाना पुलिस नियमित जांच अभियान चला रही थी। चांदनी चौक के पास पुलिस ने एक मोटरसाइकिल सवार को संदिग्ध स्थिति में रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से धारदार चाकू बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस को शक गहराया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मौके से तीन लोगों को पकड़ लिया और उनसे कड़ी पूछताछ की।
पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसने पुलिस को सीधे एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचा दिया। इसी आधार पर अहियापुर थाना क्षेत्र में स्थित जय मां वैष्णो ज्वेलर्स में छापेमारी की गई। यहां पुलिस ने पाया कि लूटे गए सोने को गलाकर बाजार में बेचने का काम किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान सात मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और करीब सवा 15 ग्राम गला हुआ सोना बरामद किया गया।
इस कार्रवाई में पुलिस ने सीतामढ़ी निवासी मोहित कुमार, अहियापुर के शेखपुर ढाब निवासी नवनीत कुमार और कांटी निवासी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया। साथ ही सोने को गलाने का काम करने वाले शंभू कुमार को भी पकड़ा गया, जबकि ज्वेलरी दुकान के संचालक कृष्ण कुमार को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इस अवैध गतिविधि में शामिल दुकान को तत्काल सील कर दिया।
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद सोने को गलाकर उसकी पहचान मिटा देता था, ताकि उसे आसानी से बाजार में बेचा जा सके। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ब्रह्मपुरा थाना में कांड संख्या 102/26 और सदर थाना में कांड संख्या 298/26 के तहत इनके खिलाफ केस दर्ज है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व नगर एसडीपीओ 2 बिनीता सिन्हा कर रही थीं, जिनके निर्देशन में अहियापुर थाना सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे अपराध तंत्र को जड़ से खत्म किया जा सके। इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि शहर में अपराध करने वाले चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, पुलिस की नजर से बच पाना अब आसान नहीं है।